मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा ने राज्यसभा के लिए दो उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, जिन पर प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भरोसा जताते हुए उनकी जीत तय बताई है।
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि पार्टी ने राज्यसभा के लिए दो बेहद मजबूत और समर्पित कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल की उम्मीदवारी का स्वागत करते हुए कहा कि दोनों नेता लंबे समय से संगठन के लिए पर्दे के पीछे रहकर कार्य करते रहे हैं। संगठन ने उनके योगदान को देखते हुए उन्हें राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है और उनकी जीत सुनिश्चित है।
ये भी पढ़ें-मध्यप्रदेश से राज्यसभा जाएंगे तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल, भाजपा ने घोषित किए उम्मीदवार
मंत्री के बयान के निकलने लगे सियासी मायने
हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा विजयवर्गीय के उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने कहा कि यदि भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व तीसरे उम्मीदवार की घोषणा करता है तो पार्टी उसे भी जीत दिलाने में सक्षम है। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजयवर्गीय के बयान से राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा की रणनीति और संभावित राजनीतिक गणित को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। वहीं कांग्रेस के लिए भी आगामी चुनावी समीकरणों को साधना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। भाजपा द्वारा घोषित उम्मीदवारों और तीसरे प्रत्याशी की संभावनाओं को लेकर प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर जारी है। आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
ये भी पढ़ें- MP से अब राज्यसभा में जाएंगी मीनाक्षी नटराजन: छात्र राजनीति से बनीं राहुल गांधी की भरोसेमंद, दिग्विजय की सीट लेंगी
तीन सीटों पर होना है चुनाव
बता दें कि मध्य प्रदेश में तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। दो सीटें भाजपा की तो एक सीट कांग्रेस के पास थी। भाजपा ने दो सीटों पर तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल के नाम घोषित किए हैं, तो वहीं तीसरी सीट पर फिलहाल उम्मीदवार नहीं उतारने की बात कही जा रही है। कांग्रेस ने इसी तीसरी सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन का नाम घोषित किया है।