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NEET UG Case: परीक्षा सीबीटी मोड में कराने के दिए थे सुझाव तो फिर क्यों नहीं हुआ अमल? संसदीय समिति ने एनटीए पर उठाए सवाल

Byadmin

Jun 2, 2026


जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नीट-यूजी पेपर लीक मामले में संसदीय समिति ने सोमवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से फिर तीखे सवाल किए। साथ ही पूछा कि जब 2024 में नीट-यूजी का पेपर लीक होने के बाद परीक्षा को सीबीटी ( कंप्यूटर बेस्ट टेस्ट) मोड में कराने की हाई पावर कमेटी ने सिफारिश की थी, तो फिर उस पर क्यों नहीं अमल किया गया।

इस पर एनटीए के अधिकारियों ने कोई सीधा जवाब तो नहीं दिया लेकिन यह बताया कि वह 2027 यानी अगले साल से इस परीक्षा को सीबीटी मोड में कराने की तैयारी कर रहे है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की अगुवाई वाली शिक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति के सदस्यों ने इस दौरान पेपर लीक को लेकर भी एनटीए से सवाल पूछे। सूत्रों के मुताबिक एनटीए ने फिर दोहराया कि पेपर लीक नहीं हुआ है बल्कि सिस्टम कंप्रोमाइज हुआ है।

हालांकि एनटीए के जवाब पर सदस्यों ने आपत्ति खड़ी की और पूछा कि जिसे कंप्रोमाइज कहा जा रहा है, उनमें भी पेपर लीक हुआ है। इस पर एनटीए ने कहा कि उनका मूल पेपर बाहर नहीं आया। परीक्षा के कुछ प्रश्न लीक हुए है। वैसे भी सीबीआई अभी इसकी जांच कर रही है, जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक पेपर लीक मानना ठीक नहीं है।

सूत्रों की मानें तो इस दौरान सदस्यों के कई सवालों पर एनटीए की चुप्पी भी देखने को मिली। हालांकि इस सवाल-जवाब के बीच एनटीए ने ये बताया कि उसका अभी पूरा फोकस 21 जून को नीट-यूजी की दोबारा होने वाली परीक्षा को सुरक्षित कराने पर है। जो पेन-पेपर मोड में ही कराई जाएगी।

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गौरतलब है कि शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसदीय समिति ने यह बैठक नीट-यूजी परीक्षा को सीबीटी मोड कराने को लेकर बुलाई थी। ऐसे में समिति ने शिक्षा व स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों से भी मुद्दे पर चर्चा की। साथ ही इसे कराने के फायदे और नुकसान को भी समझा। समिति ने इससे पहले 21 मई को भी नीट-यूजी पेपर लीक के मुद्दे पर एनटीए व शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों को तलब किया था।

बैठक बुलाने पर सत्ता पक्ष व विपक्षी सांसदों के बीच हुई नोंकझोंक

संसदीय समिति की बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष सांसदों के बीच नोकझोंक की भी जानकारी सामने आयी है। सूत्रों के मुताबिक पंद्रह दिनों के भीतर समिति की बैठक बुलाए जाने पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि छात्रों व अभिभावकों से जुड़ा यह संवेदनशील मुद्दा है। ऐसे में बार-बार बैठक बुलाकर इस पर लेकर राजनीति न की जाए।

सूत्रों की मानें तो इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि कोई राजनीति नहीं हो रही है बल्कि वह चाहते है कि यह व्यवस्था दुरुस्त हो। वैसे तो उन्हें सालीसिटर जनरल से यह सूचना मिली है कि छात्र के हितों को ध्यान में रखने हुए प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा पर नजर रख रहे है। हमें विश्वास रखना चाहिए कि दोबारा होने वाली परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न होगी।

समिति मूल्यांकन से जुड़ी गड़बडियों पर सीबीएसई से करेगी सवाल

शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसदीय समिति ने मंगलवार को मूल्यांकन से जुड़ी गड़बड़ियों को लेकर सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय से शीर्ष अधिकारियों को भी तलब किया है। इस दौरान मूल्यांकन के लिए अपनाई गई ओएसएम को लेकर भी सीबीएसई के अध्यक्ष से सवाल करेगा। साथ ही छात्रों के हितों में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में भी जानकारी लेगी।

समिति ने इस दौरान अपने एजेंडे में नौवीं और दसवीं कक्षा में लागू किए गए त्रिभाषा फार्मूले को लेकर शिक्षा मंत्रालय से भी सवाल करेगी।

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