07:05 PM, 17-Apr-2026
अमित शाह बोले- धर्म के आधार पर आरक्षण कभी नहीं देंगे
अमित शाह ने कहा ‘भारतीय संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है, इसके बावजूद इंडी अलायंस के दलों ने केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए देश में मुस्लिम आरक्षण की मांग की है। इस देश में यदि ओबीसी समाज की कोई सबसे बड़ी विरोधी पार्टी है, तो वह कांग्रेस है। इन्होंने चौधरी चरण सिंह और सीताराम केसरी जैसे नेताओं की मांगों को कभी पूरा नहीं किया। इतिहास गवाह है कि कांग्रेस ने हमेशा पिछड़ों के हितों को दबाया है।
उन्होंने बताया ‘1950 के दशक में काका कालेलकर आयोग के सुझावों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। 1980 में जब इंदिरा जी सत्ता में आईं, तब मंडल आयोग के सुझावों को नकार दिया गया। 1990 में जब वीपी सिंह की सरकार आई, तब जाकर मंडल आयोग लागू हो सका।’
शाह ने कहा ‘विपक्ष के तत्कालीन नेता नेहरू जी ने तो मंडल आयोग के विरोध में सदन में सबसे लंबा भाषण दिया था। कांग्रेस ने हमेशा जातिगत जनगणना का भी विरोध किया, लेकिन अब जब वे चुनाव हार रहे हैं, तो अचानक ओबीसी के हितैषी बनने का ढोंग कर रहे हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने एक अति पिछड़े समाज के व्यक्ति को देश का प्रधानमंत्री बनाया है। मोदी सरकार में आज 27 मंत्री ओबीसी समुदाय से हैं, जो कुल मंत्रिमंडल का लगभग 40 प्रतिशत है। प्रधानमंत्री मोदी ने ही ओबीसी आयोग को संवैधानिक मान्यता दी और राज्यों को ओबीसी सूची संशोधित करने का अधिकार पुनः प्रदान किया। मोदी सरकार ने अब तक 16 नई जातियों को ओबीसी श्रेणी में शामिल कर उन्हें न्याय दिलाया है।
06:59 PM, 17-Apr-2026
अमित शाह बोले- 50% संशोधन बिल लाने को तैयार
चर्चा के दौरान अमित शाह ने कहा कि यदि सदन सहमत हो तो वे 50 प्रतिशत लोकसभा सीटें बढ़ाने से संबंधित संशोधन बिल लाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि आवश्यकता हो तो एक घंटे के लिए सदन की कार्यवाही रोककर भी इस पर कदम उठाया जा सकता है। इसी बीच कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने इस पर सवाल करते हुए सरकार की मंशा और प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण मांगा।
वहीं, चर्चा के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कई बार सदन में महत्वपूर्ण फैसले चर्चा के दौरान ही लिए जा सकते हैं, इसलिए इस मुद्दे पर सहमति बनाने की जरूरत है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस बहस में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों के अनुभव को देखते हुए उन्हें सरकार के आश्वासनों पर पूरी तरह भरोसा नहीं है। उन्होंने तंज करते हुए यह भी कहा कि अगर भाजपा लिखकर दे देंगे कि हम महिला प्रधानमंत्री बनाएंगे तो भी मैं इनपर भरोसा नहीं करूंगा।
06:56 PM, 17-Apr-2026
वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी- शाह
अमित शाह ने कहा ‘मैं समझ रहा हूं कि ये वोट नहीं देंगे तो बिल गिर जाएगा। मगर इस देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनके रास्ते का रोड़ा कौन है। यहां पर तो शोर शराबा करके बच जाओगे लेकिन माताओं -बहनों का आक्रोश बाहर पता चलेगा। जब चुनाव में वोट मांगने जाएंगे तो मातृशक्ति हिसाब मांगेगी।’
06:21 PM, 17-Apr-2026
हर सीट पर वोटर्स की संख्या अलग- शाह
अमित शाह ने कहा कि ‘देश की जनता निर्णय करती है। जनता चुनकर सदन में भेजती है। परिसीमन के दौरान रोड, रेलवे आदि की स्थिति को भी सदन में बताया जाएगा। मोदी जी के नेतृत्व में सरकार यह संविधानिक सुधार लेकर आई है।’
उन्होंने कहा ‘साल 1971 में कांग्रेस सरकार थी। उस वक्त सीटों को फ्रीज कर दी गई थी। 71 से अबतक सीटों की संख्या अब तक फ्रीज रही। 127 सीटें ऐसी हैं जहां 20 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। कोई मुझे बताए कि कोई भी सांसद इतने मतदाताओं वाले लोकसभा सीट को कैसे ठीक से देख सकता है।’
06:10 PM, 17-Apr-2026
अमित शाह का संबोधन शुरू
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में जवाब दे रहे है। अमित शाह ने कहा ‘सबने बोला है कि हम इसके पक्ष में है। हम स्वागत करते हैं मगर उसको बारिकी से देखें तो इंडी अलायंस के सभी सदस्यों ने अगर, मगर, किंतु, परंतु, का उपयोग करते साफ रूप से महिला आरक्षण का विरोध किया है।’
उन्होंने आगे कहा ‘मैं सदन के माध्यम से जनता को बताना चाहता हूं, यह विरोध केवल और केवल महिला आरक्षण का ही है। मेरी जिम्मेदारी बनती है कि सदन को मैं इस बात की जनकारी दूं। इन तीन विधेयकों का उद्देश्य है महिला सशक्तिकरण।’ शाह ने आगे कहा ‘इस पूरे सदन में 543 सीटें हैं। किसी ससंद सीटों पर वोटरों की संख्या 39 लाख है, किसी की 7 लाख। इतनी बड़ी आबादी को सांसद कैसे संभाल सकते हैं। इसी समस्या के निराकरण के लिए हम महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक लाए हैं। हमारे संविधान में समय-समय पर सुधार का प्रावधान किया गया है। जो परिसीमन का विरोध कर रहे हैं, वो एससी और एसटी सीटों का विरोध कर रहे हैं।’
05:22 PM, 17-Apr-2026
रवि किशन बोले- संघर्ष में पत्नी ने दिया साथ, इसलिए करता हूं सम्मान
भाजपा सांसद रवि किशन ने अपनी पत्नी को लेकर कहा कि उनके राजनीतिक प्रचार से लेकर जमीनी समर्थन तक में उनकी पत्नी की अहम भूमिका रहती है। रवि किशन ने कहा कि ‘मेरा प्रचार भी मेरी पत्नी करती हैं। मेरा एक डेढ़ लाख वोट पत्नी लाती हैं। मैं अपनी पत्नी के पैर छूता हूं। क्यों न छुएं उसने मेरी गरीबी और स्ट्रगल में साथ दिया। हालांकि वो छूने नहीं देती मैं उनके सोते हुए पैर छू लेता हूं।’
उन्होंने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा ‘यहां लोग अपने गार्डन की कहानी सुनाकर चले गए। पीएम का अपमान कर गए। यह दुखद है। महिलाओं को 33% आरक्षण मिलना चाहिए। अगर ये पारित नहीं हुआ तो एक भी महिला वोट विपक्ष को नहीं मिलेगा।’
04:39 PM, 17-Apr-2026
कंगना रनौत का तंज: लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण को बताया सिरदर्द
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया भाषण को लेकर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कंगना रनौत ने कहा कि राहुल गांधी को सुनना उनके लिए सिरदर्द जैसा अनुभव था। उनके मुताबिक, संसद में दिया गया भाषण गंभीर मुद्दों से भटकता हुआ प्रतीत हुआ और उसमें बचपन से जुड़ी कल्पनाओं और अनुभवों की झलक भी दिखी।
#WATCH | Delhi: On Rahul Gandhi’s speech in Lok Sabha, BJP MP Kangana Ranaut says, “It was such a headache to listen to him. He is going through his childhood traumas. It was a nuisance. The Chair also asked him to stop. He has made a mockery of the Parliament.” pic.twitter.com/wIZ8dfDYqI
— ANI (@ANI) April 17, 2026
उन्होंने यह भी दावा किया कि सदन के भीतर कुछ मौकों पर स्पीकर की ओर से भी बीच-बचाव किया गया, लेकिन माहौल को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कंगना ने अपने बयान में तंज कसते हुए कहा कि कई बार भाषण के दौरान ऐसा लगा जैसे बातें किसी वास्तविक चर्चा से ज्यादा कल्पनात्मक या असंबंधित दिशा में जा रही हों।
04:03 PM, 17-Apr-2026
निशिकांत दुबे का कांग्रेस पर हमला: महिला आरक्षण बहस के बीच सोनिया गांधी और बोफोर्स का जिक्र
लोकसभा में महिला आरक्षण को लेकर चल रही चर्चा के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से सरकार महिलाओं को आरक्षण देने के मुद्दे पर गंभीरता से काम कर रही है और सांसद देर रात तक सदन में मौजूद रहे। मुझे लगा कि कांग्रेस के जो लीडर हैं उनका जो भाषण है वो एक शो जैसा था, जैसा कि माइकल जैक्सन का।
अपने संबोधन में दुबे ने 17 अप्रैल की तारीख का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के अतीत पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इसी दिन वर्ष 1987 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर बोफोर्स मामले को लेकर आरोप लगे थे, जिसने देश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा किया था। इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 1998 की एक घटना का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन को लेकर भी टिप्पणी की। दुबे ने कहा कि उस समय सोनिया गांधी सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस की अध्यक्ष बन गई।
03:38 PM, 17-Apr-2026
स्पीकर ने राहुल के शब्दों को कार्यवाही से हटाया
रिजिजू बोले- राहुल के भाषण से हमें आपत्ति नहीं है। वह कहते हैं कि आपॅरेशन सिंदूर एक जादू था, उसका मजाक बना रहे हैं। उसको जादू कहते हैं। रक्षामंत्री ने कहा है हम भी कह रहे हैं भाषण नियम के तहत दीजिए। बार-बार पीएम का मजाक उड़ाना गलत। पीएम आपका और मेरा नहीं है। स्पीकर ने आपत्तिजनक शब्दों को हटाया। राहुल ने फिर बोलना शुरु किया, उन्होंने कहा, दरअसल भाजपा के अंदर कंफ्यूजन चल रहा है। स्पीकर ने राहुल से बैठने को कहा।
03:38 PM, 17-Apr-2026
राहुल की स्पीच पर राजनाथ बोले- ये देश का अपमान
राहुल के जादूगर शब्द पर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने आपत्ति जताई है। कहा-‘विपक्ष के नेता अनाप शनाप बातें कर रहे हैं। पीएम के लिए ऐसा बोलेंगे। वे चुने हुए लीडर हैं।’
राजनाथ बोले- ‘इस देश के पीएम के संबंध में जिस तरह के शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है। इसकी घोर निंदा की जानी चाहिए। इस देश की जनता ने उन्हें पीएम बनाया है। राहुल ने जिन शब्दों का प्रयोग किया उसे सदन की कार्यवाही से बाहर निकाला जाए और राहुल माफी मांगे।’