राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल की राजनीति में अपने अलग अंदाज के लिए चर्चित कामारहाटी के टीएमसी विधायक मदन मित्रा ने राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए हैं।
विजयादशमी के मौके पर भावुक होते हुए कहा कि मौजूदा राजनीति में अनैतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं और अब उन्हें इससे नफरत होने लगी है। कहा कि राजनीति का हिस्सा होने के कारण उन्हें खुद से भी नफरत होती है।
हालांकि, उन्होंने राजनीति छोड़ने को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। उन्होंने कहा कि इस बार विजयादशमी पर वह उन लोगों से नहीं मिल सके, जिन्होंने उन्हें चुनाव में जीत दिलाई। इसकी वजह हिंसा और सुरक्षा को लेकर चिंता बताई।
उनके मुताबिक, उन पर जानलेवा हमला करने की कोशिश भी हुई थी, इस बारे में मुख्यमंत्री को जानकारी दी थी। दावा किया कि मुख्यमंत्री ने पुलिस को भी इस संबंध में निर्देश दिया था।
कहा कि वह राजनीति से बेहद थक चुके हैं और अब इससे दूर होने पर विचार कर रहे हैं। मौजूदा राजनीतिक माहौल की तुलना चावल में कंकड़ की अधिकता से करते हुए कहा कि जब अनैतिक लोगों की संख्या बहुत बढ़ जाती है तो उन्हें अलग करना मुश्किल हो जाता है।
ईश्वर के अलावा कोई किसी को आश्रय नहीं दे सकता
तृणमूल कांग्रेस में हालिया घटनाक्रम के बीच मदन पहले ममता बनर्जी के साथ नजर आए थे, लेकिन बाद में वह ऋतब्रत गुट में चले गए। इस बदलाव को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
कहा कि कठिन परिस्थितियों में ईश्वर के अलावा कोई किसी को आश्रय नहीं दे सकता। मदन ने ममता बनर्जी और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, दोनों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए लोगों से अहंकार में डूबकर जनता को नहीं भूलने की अपील की।