डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ( सीसीपीए ) ने वाजीराम एंड रवि आईएएस स्टडी सेंटर पर सख्त कार्रवाई की है। भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए उस पर सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
इन विज्ञापनों में संस्थान ने उन उम्मीदवारों की सफलता का श्रेय लेने का दावा किया था, जिन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2023 पास की थी। जबकि उनमें से ज्यादातर उम्मीदवारों ने संस्थान के सिर्फ मुफ्त इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम (आइजीपी) में ही दाखिला लिया था।
प्राधिकरण ने पाया कि संस्थान के विज्ञापनों में जिन ज्यादातर उम्मीदवारों का जिक्र किया गया था, उन्होंने संस्थान के सिर्फ फ्री इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम (आइजीपी) में ही दाखिला लिया था।
मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा की अध्यक्षता वाले सीसीपीए ने पाया कि विज्ञापन में शामिल शीर्ष 10 में से आठ रैंक होल्डरों में से सात और शीर्ष 50 रैंक होल्डरों में से 37 में से 29 रैंक होल्डरों ने सिर्फ फ्री आइजीपी प्रोग्राम में नामांकन कराया था।
हालांकि, संस्थान ने इस तथ्य की जानकारी नहीं दी थी। आइजीपी एक कम समयावधि वाला कोर्स है। इस कोर्स को तब शुरू किया जाता है जब उम्मीदवार अपनी मेहनत से प्रिलिम्स और मेंस परीक्षा पहले ही पास कर चुके होते हैं। प्राधिकरण ने आगे बताया कि हाल के सालों में इंस्टीट्यूट से जुड़े ज्यादातर सफल अभ्यर्थियों ने सिर्फ आइजीपी में हिस्सा लिया था।
(समाचार एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)