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West Bengal:शुभेंदु सरकार ने 180 दिन के लिए मांगी Capf की 500 कंपनियां, गृह मंत्रालय ने 20 जून तक दी मंजूरी – West Bengal Suvendu Government Ask Additional Security For October Home Ministry Approve Till June

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May 21, 2026


पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की पांच सौ कंपनियों को तैनात किया गया था। गत सप्ताह राज्य के वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य की गहन समीक्षा की गई। इसके बाद निर्णय लिया गया कि राज्य से अब केंद्रीय बलों की कंपनियों को चरणबद्ध तरीके से हटा लिया जाएगा। पहले चरण में 100 कंपनियों यानी 10 हजार जवानों की पश्चिम बंगाल से वापसी का आदेश जारी किया गया। अब पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह किया है कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर 180 दिन यानी अक्तूबर तक सीएपीएफ की पांच सौ कंपनियों की तैनाती को बरकरार रखा जाए। गृह मंत्रालय ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के आग्रह पर विचार किया और 20 जून तक केंद्रीय अर्धसैनिक बलों सीएपीएफ की पाँच सौ कंपनियों को राज्य में तैनात करने का आदेश जारी किया है। 

फोर्स की ऑपरेशनल जरूरतों का ध्यान 

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आदेश में कहा गया है कि सीआरपीएफ की 200, बीएसएफ की 150, सीआईएसएफ की 50, आईटीबीपी की 50 और एसएसबी की 50 कंपनियाँ, अब बीस जून तक कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य में तैनात रहेंगी। राज्य सरकार को केंद्रीय बलों की तैनाती के लिए ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक और ठहरने के उचित स्थान का इंतजाम करना होगा। गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से फोर्स की सभी ऑपरेशनल जरूरतों को ध्यान में रखने की बात कही है। 

गृह मंत्रालय ने गत सप्ताह दिया था ये आदेश 

केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को संदेश भेजा गया था। इसमें कहा गया कि विधानसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ‘सीएपीएफ’ की कंपनियों को अब चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। राज्य में चुनाव संपन्न होने के बाद केंद्रीय बलों के सभी जवानों को वहां से नहीं हटाया गया था। पिछली बार चुनाव होने के बाद राज्य के कई भागों में हिंसा की घटनाएं देखने को मिली थी। इस बार वैसी घटनाएं न हों, इसके लिए चुनाव संपन्न होने के बाद भी बंगाल में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 500 कंपनियां तैनात की गई थीं। 

पहले चरण में होनी थी सौ कंपनियों की वापसी

गृह मंत्रालय में केंद्रीय बलों की पांच सौ कंपनियों को चरणबद्ध तरीके से कम करने का निर्णय लिया गया। पहले चरण के तहत सौ कंपनियों को बंगाल से हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। इनमें सीआरपीएफ की 40, बीएसएफ की 30, सीआईएसएफ की 10, आईटीबीपी की 10 और एसएसबी की 10 कंपनियाँ शामिल थीं। आदेशों में कहा गया था कि 15 मई से ये कंपनियां, कानून व्यवस्था की ड्यूटी पर नहीं रहेंगी। 

सीआरपीएफ व बीएसएफ सहित ये बल तैनात

बंगाल में दोनों चरणों के विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद सीआरपीएफ की 200, बीएसएफ की 150, सीआईएसएफ की 50, आईटीबीपी की 50 और एसएसबी की 50 कंपनियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने की ड्यूटी में लगाया गया था। गत सप्ताह, राज्य के वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा की गई।इसमें पश्चिम बंगाल के गृह विभाग के अलावा केंद्रीय एजेंसियां भी शामिल रहीं। कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर खुफिया एजेंसी से भी विशेष रिपोर्ट मांगी गई थी। समीक्षा बैठक में सामने आया कि चुनाव के बाद अब राज्य में शांति है। राजनीतिक कार्यकर्ताओं का उग्र प्रदर्शन, ये सब फिलहाल बंद है। पश्चिम बंगाल से लगती बांग्लादेश की सीमा पर विशेष चौकसी बरती जा रही है। घुसपैठियों पर सीमा सुरक्षा बल की पैनी नजर है। खुले बॉर्डर पर फैंसिंग की प्रक्रिया शुरू हो रही है। 

 

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