मेटा के स्वामित्व वाले मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप को विवादित यूजरनेम फीचर पर जवाब देने के लिए सरकार ने तीन दिनों का और समय दे दिया है। व्हाट्सएप ने खुद इसके लिए अतिरिक्त समय मांगा था। शुक्रवार को जवाब देने की आखिरी तारीख थी। साथ ही कंपनी ने सरकार को भरोसा दिया है कि जब तक बातचीत पूरी नहीं हो जाती, वह भारत में इस फीचर को रोल आउट नहीं करेगी।
व्हाट्सएप को सरकार ने क्या निर्देश दिए?
पिछले बुधवार को केंद्र सरकार ने व्हाट्सएप को नोटिस जारी कर इस फीचर पर सवाल उठाए थे। सरकार को चिंता है कि बिना फोन नंबर शेयर किए बात करने वाले इस फीचर से ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट और धोखाधड़ी के मामले बढ़ सकते हैं। सरकार ने इस पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। इसके बाद बीते शुक्रवार को मेटा की एक टीम ने आईटी मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात भी की थी।

मेटा को भेजे गए नोटिस में सरकार ने क्या कहा?
सोमवार को सरकार ने नोटिस में मेटा को याद दिलाया कि वह आईटी एक्ट के तहत जिम्मेदार है। इस पूरे विवाद पर जब व्हाट्सएप को ईमेल भेजकर प्रतिक्रिया मांगी गई तो पिछले हफ्ते व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा था कि यह फीचर अभी लाइव नहीं हुआ है। धोखाधड़ी रोकने के लिए इसमें कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। नामी हस्तियों और सरकारी संस्थाओं के यूजरनेम सुरक्षित रखे गए हैं।
टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस?
आईटी मंत्रालय ने इस मामले में टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस भेजकर पूछा है कि वे धोखाधड़ी से कैसे निपट रहे हैं। इसके अलावा सरकार ने हाल में इंस्टाग्राम विज्ञापनों में बाल यौन शोषण सामग्री को लेकर मेटा को और पायरेसी को लेकर टेलीग्राम को भी कड़ा नोटिस जारी किया है।