राजीव कुमार, नई दिल्ली। श्रम कानून से जुड़ी नई संहिता के लागू होने के बाद सरकारी विभाग में अनुबंध पर काम कर रहे श्रमिकों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने निर्देश जारी किया है।
इस निर्देश के तहत सभी मंत्रालय, सरकारी विभाग व कंपनियों व अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों में अनुबंध पर काम करने वालों को समय पर वेतन नहीं मिलने पर ठेकेदार को काली सूची में डाल दिया जाएगा। उस ठेकेदार को किसी भी विभाग में काम नहीं दिया जाएगा।
समय पर वेतन के भुगतान के अलावा अनुबंध पर काम कर रहे श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के निर्वाह का पालन भी अनिवार्य कर दिया गया है। नए नियम के मुताबिक समय पर वेतन व सामाजिक सुरक्षा मुहैया करने पर कोताही करने वाले फर्म तीन साल के लिए सरकारी खरीद-बिक्री में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित किए जा सकते हैं।
वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी निर्देश के मुताबिक अगर कोई श्रमिक दैनिक मजदूर के रूप में काम कर रहा है तो उसके शिफ्ट के खत्म होते ही उसे भुगतान देना होगा। साप्ताहिक आधार पर काम करने वाले श्रमिकों को सप्ताह के खत्म होने से पहले तो पाक्षिक आधार वाले श्रमिकों को 15 दिन समाप्त होने के अधिकतम दो दिनों के भीतर वेतन का भुगतान करना होगा।
मासिक वेतन पर काम करने वाले श्रमिकों को महीना खत्म होने के अधिकतम सात दिनों के भीतर वेतन देना होगा। सभी प्रकार के वेतन का भुगतान बैंक ट्रांसफर या डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। अनुबंध पर कर्मचारी रखने वाले फर्म को वेतन भुगतान के बाद संबंधित विभाग या मंत्रालय को इलेक्ट्रानिक रूप में इसकी जानकारी देनी होगी।
मंत्रालय या सरकारी विभाग किसी फर्म को अनुबंध पर कर्मचारी रखने से पहले इस बात को लेकर आश्वस्त होगा कि कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए पर्याप्त फंड है या नहीं। नए निर्देश के तहत ठेकेदार की तरफ से अगर वेतन भुगतान में देर की जाती है तो मूल नियोक्ता खुद ठेके पर काम करने वाले श्रमिकों को वेतन का भुगतान कर सकते हैं।