डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। क्या तमिलनाडु में भाजपा को बड़ा झटका लग रहा है? विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पार्टी में फूट की खबरें तेज हो गई हैं।
हालांकि, भाजपा ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी ने दावा किया कि तमिलनाडु इकाई में पूरी एकता बनी हुई है और पूर्व राज्य अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने न तो इस्तीफा दिया है और न ही कोई नई राजनीतिक पार्टी बनाने की योजना बना रहे हैं।

अफवाहों पर नैनार नागेंद्रन का खंडन
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने साफ कहा कि अन्नामलाई किसी ‘जन आंदोलन’ को शुरू करके आगे चलकर नई पार्टी बनाने वाले नहीं हैं। उन्होंने दिल्ली यात्रा को लेकर भी सफाई दी।
नागेंद्रन के अनुसार अन्नामलाई की दिल्ली यात्रा मुख्य रूप से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से खाद संबंधी मुद्दों पर चर्चा के लिए हुई थी। इस दौरान उन्होंने भाजपा महासचिवों से भी मुलाकात की। नागेंद्रन ने अन्नामलाई के साथ किसी प्रकार की दरार की खबरों को पूरी तरह गलत बताया।
अन्नामलाई खेमे से विरोधाभासी
दूसरी ओर, अन्नामलाई के करीबी सूत्रों से मिल रही जानकारी अलग है। सूत्रों का कहना है कि अन्नामलाई भाजपा से अलग होकर अपना स्वतंत्र राजनीतिक रास्ता चुनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
वे 5 जून को अपनी योजनाओं का ऐलान करने वाले हैं। सूत्र बताते हैं कि अन्नामलाई एक जन आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य पूरे तमिलनाडु में युवा नेताओं की पहचान, प्रशिक्षण और तैयार करना है। बाद में इस आंदोलन को राजनीतिक पार्टी का रूप दिया जा सकता है।

नाराजगी की वजहे
अन्नामलाई की नाराजगी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। राज्य अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद वे निराश थे। भाजपा द्वारा AIADMK के साथ गठबंधन फिर शुरू करने के फैसले का उन्होंने विरोध किया था। अपनी पदयात्रा के दौरान उन्हें भाजपा और AIADMK के कुछ नेताओं से विरोध का सामना करना पड़ा था।
पार्टी में उन्हें कोई बड़ा पद न दिए जाने और 2026 के विधानसभा चुनाव न लड़ने के फैसले ने भी अटकलों को बल दिया। सूत्रों का दावा है कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका का भरोसा भी पूरा नहीं हुआ और राज्यसभा सीट का प्रस्ताव भी उन्होंने ठुकरा दिया। राजनीतिक गलियारों में इन घटनाक्रमों पर नजरें टिकी हुई हैं। अन्नामलाई 5 जून को जो ऐलान करेंगे, उससे तमिलनाडु की राजनीति में नया मोड़ आ सकता है।