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अमेरिकी केंद्रीय बैंक का बड़ा फैसला:राष्ट्रपति ट्रंप के दबाव को दरकिनार कर फेड ने बढ़ाई ब्याज दरें, वजह क्या? – Us Fed Raises Interest Rates First Time Since 2023 Defying Donald Trump

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Sep 17, 2026


अमेरिका में जिद्दी बनी महंगाई पर लगाम कसने के लिए केंद्रीय बैंक ‘फेडरल रिजर्व’ ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। व्हाइट हाउस के लगातार दबाव को दरकिनार करते हुए फेडरल रिजर्व ने बुधवार को बेंचमार्क ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है। वर्ष 2023 के बाद से यह पहला मौका है जब अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में इजाफा किया है। इस फैसले से न केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कम ब्याज दरों की मांग को झटका लगा है, बल्कि इसका असर वैश्विक बाजारों पर भी देखने को मिल सकता है।  

महंगाई पर लगाम लगाने के लिए उठाया सख्त कदम

फेडरल रिजर्व ने मुख्य ब्याज दर (बेंचमार्क रेट) में 25 बेसिस प्वाइंट (0.25 फीसदी) की बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद अमरीका में मुख्य ब्याज दर बढ़कर लगभग 3.9 फीसदी हो गई है। बैंक के इस कदम का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा, जिससे समय के साथ होम लोन, ऑटो लोन और क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दरें महंगी हो जाएंगी। त्रैमासिक अनुमानों को जारी करते हुए फेड की दर-निर्धारण समिति (एफओएमसी) ने संकेत दिया है कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए इस साल के अंत तक ब्याज दरों को एक बार फिर बढ़ाकर 4.1 फीसदी तक किया जा सकता है।  

केंद्रीय बैंक ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया, ‘आज की नीतिगत कार्रवाई मुद्रास्फीति (महंगाई) को केंद्रीय बैंक के दो प्रतिशत के लक्ष्य पर समयबद्ध तरीके से वापस लाने में मदद करेगी।’  

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चुनाव से ठीक पहले आम जनता पर दोहरा बोझ?

फेड का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी जनता पहले से ही खाद्य पदार्थों, पेट्रोल-डीजल और आवास की बढ़ती कीमतों से जूझ रही है। अमेरिका में महज सात हफ्ते बाद मध्यावधि चुनाव होने वाले हैं, और ऐसे में बढ़ती महंगाई चुनावी अभियानों का सबसे मुख्य मुद्दा बन चुका है। ब्याज दरों के बढ़ने से आम उपभोक्ताओं के लिए कर्ज लेना और महंगा हो जाएगा।

चेयरपर्सन केविन वॉश का क्या रुख?

यह फैसला फेडरल रिजर्व के नए चेयरपर्सन केविन वॉश के रुख में आए एक बड़े मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से नियुक्त किए गए केविन वॉश ने इसी साल मई में फेड अध्यक्ष का पद संभाला था। पिछले साल जब ट्रंप इस पद के लिए उनके नाम पर विचार कर रहे थे, तब वॉश ने कई बार संकेत दिए थे कि फेड ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। उन्होंने कम ब्याज दरों की राष्ट्रपति ट्रंप की मांग का समर्थन भी किया था। हालांकि, पद संभालने और लगातार ऊंची बनी महंगाई के आंकड़ों के बीच वॉश ने राजनीतिक दबाव के बजाय केंद्रीय बैंक की नीतिगत स्वायत्तता और महंगाई नियंत्रण को प्राथमिकता दी है।  

अमेरिकी सेंट्रल बैंक ने जनवरी 2026 से यूएस फेड रेट्स को स्थिर रखा है। बैंक ने एनर्जी की कीमतों में अचानक आए उछाल के असर को समझने और कीमतों पर टैरिफ के असर को पूरी इकॉनमी में फैलने देने के लिए इंतजार करने का फैसला किया था। हालांकि, पिछली यूएस फेड मीटिंग में वोटिंग करने वाले सदस्यों में से एक-चौथाई ने तुरंत यूएस फेड रेट बढ़ाने की मांग की, जो बाकी नौ वोटिंग सदस्यों की राय से अलग थी।

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