• Mon. Oct 5th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

असम में बाढ़ राहत पर सियासत:सीएम सरमा बोले- अखिल गोगोई को श्रेय नहीं लेने दूंगा; मदद में क्यों हो रही देरी? – Financial Aid To Flood-hit People Delayed As I Won’t Let Akhil Gogoi Take Credit For It: Himanta

Byadmin

Oct 5, 2026


असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने रविवार को कहा कि राज्य के पूर्वी जिलों के बाढ़ प्रभावित लोगों को आर्थिक मदद देने में देरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि विपक्षी विधायक अखिल गोगोई इसका श्रेय नहीं ले सकें।

रायजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई पिछले तीन दिनों से यहां विधानसभा परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। वह बाढ़ प्रभावित लोगों को जल्द आर्थिक मदद देने की मांग कर रहे हैं।

अखिल गोगोई ने मुख्यमंत्री पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार गंभीर स्थिति को हल्का बताने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कुछ परिवारों को छोड़कर ज्यादातर प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली है।

मदद का श्रेय किसे मिलेगा?

सरमा ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, करीब सात दिन पहले अखिल गोगोई ने मुआवजे के मुद्दे पर मुझसे फोन पर काफी देर तक बात की थी। मैंने उन्हें पूरी बात विस्तार से समझाई थी। अब जब उन्हें पता है कि लोगों को पैसा मिलने वाला है, तो वह इसका श्रेय लेना चाहते हैं। हमें भुगतान में देरी करनी होगी ताकि वह इसका श्रेय नहीं ले सकें। 


मुख्यमंत्री ने आगे कहा, मेरी गलती यह थी कि मैंने उनके साथ मुआवजे की जानकारी साझा की। वह इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं और मैं भी करूंगा। सरमा ने दावा किया कि अखिल गोगोई से लोगों का भरोसा उठ गया है। उन्होंने कहा, गोगोई और एक अन्य व्यक्ति लोगों को यह विश्वास दिलाना चाहते हैं कि उन्होंने आर्थिक मदद दिलाई है। उन्होंने दूसरे व्यक्ति का नाम नहीं बताया।

सरमा ने विपक्ष की दो महिला नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वे अपनी राजनीतिक पहचान बनाने की कोशिश में ‘एक पार्टी के प्रदर्शन से दूसरे पार्टी के प्रदर्शन में जा रही हैं’। हालांकि, उन्होंने दोनों नेताओं के नाम नहीं बताए।

अखिल गोगोई ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गोगोई ने कहा कि उन्हें ‘अनिश्चितकालीन सत्याग्रह’ शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि भयानक बाढ़ के 75 दिन बाद भी कोई मदद नहीं मिली थी।

अखिल गोगोई ने पीटीआई से कहा, मैंने 2 अक्तूबर को धरना शुरू किया था। यह पूर्वी जिलों में बाढ़ आने का 76वां दिन था। कोई आर्थिक राहत नहीं दी गई है। कुछ परिवारों को छोड़कर, जिन्हें 15,000 रुपये की अनुग्रह राशि मिली है। उन्होंने कहा, यह एक विनाशकारी आपदा थी और हर साल आने वाली बाढ़ नहीं थी। सरकार इससे जिस तरह निपटी, वह स्वीकार करने लायक नहीं है। 

ये भी पढ़ें: सीईसी मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने जताई चिंता: पूछा- नियुक्ति सरकार करेगी तो कैसे रहेगी निष्पक्षता?

गोगोई ने मुख्यमंत्री पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने और गंभीर स्थिति को हल्का बताने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मैंने अपना प्रदर्शन इसलिए शुरू किया ताकि सरकार को याद दिला सकूं कि उसने उन लोगों को भुला दिया है, जिन्होंने अपना सब कुछ खो दिया। 


सरकार से अखिल गोगोई ने क्या मांग की?

गोगोई की मांगों में शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट के हर बाढ़ प्रभावित परिवार को कम से कम 10 लाख रुपये का मुआवजा देना शामिल है। उन्होंने सरकार से तीनों जिलों के बाढ़ प्रभावित लोगों को एक बार की अंतरिम आर्थिक मदद के तौर पर 15 हजार रुपये देने की भी मांग की है।

इसके अलावा, उन्होंने शिवसागर और चराइदेव के लोगों को 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा की थी। गोगोई ने इस साल आई अभूतपूर्व बाढ़ के कारणों की जांच के लिए सीबीआई जांच की भी मांग की है।

इस साल असम में बाढ़ के कारण कम से कम 108 लोगों की मौत हुई है। बाढ़ में कई तरह के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इनमें घर, स्कूल, सड़कें, तटबंध, मवेशियों के बाड़े, मछली पालन केंद्र और स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।

By admin