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‘इन्हें यहां क्यों बुलाया गया’? सर्वदलीय बैठक में बागी TMC सांसदों की एंट्री पर भड़का विपक्ष

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Jul 19, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इससे ठीक पहले रविवार को आयोजित सर्वदीय बैठक में टीएमसी के बागी सांसदों की एंट्री को लेकर बवाल देखने को मिला।

दरअसल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित सर्वदलीय बैठक में उस समय हंगामा देखने को मिला, जब TMC के 20 बागी सांसदों के संगठन ‘NCPI’ को शामिल करने के विरोध में समूचा विपक्ष बैठक से बाहर चला गया। विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतंत्र का अपमान बताया, क्योंकि संसद के रिकॉर्ड में ये बागी अभी भी टीएमसी के सदस्य दर्ज हैं।

हालांकि, यह वॉकआउट कुछ ही देर चला, बाद में सभी बैठ क में शामिल होने वापस लौट आए।

बैठक में कैसे बुलाया गया?

गौरतलब है कि पिछले महीने ममता बनर्जी की पार्टी से 20 बागी सासंदों ने खुद को अलग कर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय कर लिया था। इसके बाद इन सासंदों को सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया।

यह बात विपक्ष को रास नहीं आई। विपक्ष ने सवाल उठाया कि जिस एनसीपीआई को विलय की मंजूरी नहीं मिली है, वह सर्वदलीय बैठक का हिस्सा कैसे हो सकती है? इन्हें यहां क्यों बुलाया गया है?

एनडीटीवी से बातचीत के दौरान टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, “हमारी चिंता यह है कि एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी, जिसका नाम (संसद की) वेबसाइट पर नहीं है, उसको बैठक में बुलाया गया है।”

महुआ मोइत्रा का बयान आया सामने

सभी पार्टियों के फ्लोर लीडर्स की मीटिंग से सांकेतिक वॉकआउट करने के बाद, TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, “आज पूरा विपक्ष – जिसमें इंडियन नेशनल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK, JMM, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, लेफ्ट पार्टियां और शिवसेना (UBT) शामिल हैं, सभी ने विरोध में सर्वदलीय बैठक से वॉकआउट किया है। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि तथाकथित ‘नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया’ एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी है, फिर भी उन्हें अलग दर्जा दिया गया है, जबकि टेबल ऑफिस की आधिकारिक सूची में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की कुल संख्या 28 सदस्य दिखाई गई है।

स्पीकर ने इन 20 तथाकथित बागी सांसदों के विलय को मंजूरी नहीं दी है। अयोग्यता की 20 याचिकाएं अभी भी लंबित हैं। 91वें संशोधन के बाद, अलग ब्लॉक के लिए कोई गुंजाइश नहीं है। तो संसदीय कार्य मंत्री ने किन आधारों पर इन 20 बागी सांसदों को निमंत्रण दिया और वे इस बैठक में कैसे शामिल हो रहे हैं? हमने अपने विरोध के प्रतीक के तौर पर वॉकआउट किया है।”

एनसीपी में शामिल हुए सासंदों को लेकर विपक्षा का कहना है कि संसद की वेबसाइट पर अब भी उन लगभग 20 बागी सांसदों के नाम तृणमूल के सदस्यों के रूप में दिखाए गए हैं। ऐसे में उन्हें बैठक में कैसे बुलाया गया?

काकोली घोष रक्षा मंत्री को दिया धन्यवाद

वहीं, एनसीपी ब्लॉक की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में उन्हें शामिल होने की अनुमति देने के लिए संसदीय कार्य मंत्री को धन्यवाद दिया है।

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