अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने यूएफ़ओ (उड़न तश्तरी) के बारे में कुछ ऐसे दस्तावेज़ जारी किए हैं जो पहले कभी नहीं देखे गए थे. इन दस्तावेज़ों में उन घटनाओं का ज़िक्र है जिन्हें लोगों ने देखा था.
ये दस्तावेज़ धरती पर आम लोगों के दावों और चाँद पर अंतरिक्ष मिशन में शामिल यात्रियों के बयानों पर आधारित हैं.
ये दस्तावेज़ कई दशक पुराने हैं. इन्हें शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर सार्वजनिक किया गया और ऑनलाइन पोस्ट किया गया.
ट्रंप ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि वे इन दस्तावेज़ों को “लोगों की ज़बरदस्त दिलचस्पी को देखते हुए” जारी करेंगे.
हालिया सालों में, अमेरिका में लोगों की दिलचस्पी दूसरी दुनिया के जीवों में फिर से बढ़ी है. साल 2022 में, कांग्रेस (अमेरिकी संसद) ने 50 सालों में पहली बार यूएफ़ओ पर सुनवाई की, और सेना ने इस मामले में ज़्यादा पारदर्शिता रखने का वादा किया है.
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इमेज कैप्शन, शुक्रवार को अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में यूएफ़ओ के बारे में बात करते हुए एक्सपर्ट डॉक्टर स्टीवन ग्रीर
ऐसी 161 फ़ाइलें अमेरिकी रक्षा विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं. इससे जुड़ी और भी फ़ाइलें जारी की जानी हैं.
शुक्रवार को इन फ़ाइलों को जारी किया गया है. इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने फ़रवरी में एक इंटरव्यू में कहा था कि एलियंस “असली हैं, लेकिन मैंने उन्हें नहीं देखा है.”
ओबामा ने बाद में अपनी बात सपष्ट करते हुए कहा कि आंकड़ों के हिसाब से इस बात की संभावना है कि दूसरी दुनिया में भी जीवन हो, लेकिन राष्ट्रपति रहते हुए उन्हें इसका “कोई सबूत नहीं मिला.”
फ़रवरी महीने के बाद ट्रंप ने पेंटागन को निर्देश दिया कि वे “एलियंस और दूसरी दुनिया के जीवों, अज्ञात हवाई घटनाओं (यूएपी), और अज्ञात उड़ने वाली चीज़ों (यूएफ़ओ) से जुड़ी फ़ाइलें जारी करें.”
शुक्रवार को जारी की गई फ़ाइलों में कई दशकों के ऐसे सैन्य मेमो शामिल हैं जिन्हें अब सार्वजनिक कर दिया गया है.
इनमें अपोलो के चंद्रमा से जुड़े मिशन की रिपोर्टें और उन लोगों की रिपोर्टें भी शामिल हैं, जो दावा करते हैं कि उन्होंने कोई यूएफ़ओ यानी अज्ञात उड़ने वाली चीज़ देखी है, और उन्हें लगता था कि वह दूसरी दुनिया से आई थी.
चमचमाती रोशनी और डराने वाली चीज़ देखने का दावा
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इमेज कैप्शन, साल 1969 में अपोलो 12 मिशन के दौरान चंद्रमा से ली गई एक तस्वीर, जिसमें एक अज्ञात रोशनी को हाईलाइट करके बड़ा करके दिखाया गया है
इन फ़ाइलों में 1960 और 1970 के दशक के अपोलो 11, अपोलो 12 और अपोलो 17 के चांद पर उतरने के मिशन पर गए अंतरिक्ष यात्रियों के पहले से क्लासिफ़ाइड ट्रांसक्रिप्ट शामिल हैं.
अपोलो 11 मिशन के मशहूर अंतरिक्ष यात्री बज़ एल्ड्रिन ने साल 1969 के एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने चांद की अपनी यात्रा के दौरान कई ऐसी चीज़ें देखीं जिनकी कोई वजह समझ नहीं आई.
यह इंटरव्यू शुक्रवार को पब्लिश किया गया.
उन्होंने कहा, “मैंने एक जगह से काफ़ी तेज़ रोशनी आते हुए देखी, जिसे हमने शुरू में एक संभावित लेज़र माना.”
इन ट्रांसक्रिप्ट से पता चलता है कि साल 1969 में चांद पर कदम रखने वाले अपोलो 12 के अंतरिक्ष यात्री एलन बीन ने कहा कि मिशन के दौरान उन्होंने कुछ कण और रोशनी “अंतरिक्ष में तैरते हुए” देखे. उन्होंने कहा कि वे कण ऐसे लग रहे थे जैसे वे “चांद से बाहर निकल रहे हों.”
सन 1972 में अपोलो 17 मिशन पर गए दो अंतरिक्ष यात्रियों ने भी अंतरिक्ष यान में रहते हुए चमकती हुई रोशनी देखने की बात कही.
अंतरिक्ष यात्री जैक श्मिट ने कहा, “वहाँ तो ऐसा लग रहा है जैसे 4 जुलाई (अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस) का जश्न चल रहा हो. वह रोशनी शायद बर्फ़ के टुकड़ों से टकराकर वापस आ रही रोशनी हो सकती है.”
जो फ़ाइलें जारी की गई हैं उनमें से एक में सन 1965 के जेमिनी 7 अंतरिक्ष उड़ान की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग है, जिसमें अंतरिक्ष यात्री फ्रैंक बोमन और ग्राउंड सपोर्ट टीम के बीच बातचीत रिकॉर्ड है.
उन्होंने नासा के मिशन कंट्रोल को एक अनजान चीज़ दिखने की जानकारी दी, और उसे एक ‘बोगी’ (डर पैदा करने वाली चीज़) बताया. इसके साथ ही उन्होंने अंतरिक्ष यान के बाईं ओर “अरबों छोटे कणों” के दिखने की जानकारी दी.
रोशनी से निकलकर हवा में तैरती चीज़
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इमेज कैप्शन, यूएफ़ओ के आकार में चीन में बनाया गया एक एयरक्राफ़्ट (फ़ाइल फ़ोटो)
इन फ़ाइलों में दशकों पुरानी रिपोर्टें जारी की गई हैं. इनमें दर्जनों ऐसे अलग-अलग दावे किए गए हैं जिनमें लोगों ने ऐसी अज्ञात घटनाओं को देखने का दावा किया, जो सामान्य नहीं थीं.
एक फ़ाइल से पता चलता है कि सन 1957 में एफ़बीआई को दिए गए एक इंटरव्यू में एक व्यक्ति ने बताया था कि उसने ज़मीन से ऊपर उठते हुए एक बड़े गोल आकार के यान को देखा था.
इसके अलावा सितंबर और अक्तूबर 2023 के कुछ इंटरव्यू भी इन फ़ाइलों में मौजूद हैं.
इनमें अमेरिकी नागरिकों ने बताया है कि उन्होंने तेज़ रोशनी के बीच से अचानक सामने आते हुए धातु के बने हुए उड़ते ऑब्जेक्ट्स (उड़न तश्तरी)को देखा.
इराक़, सीरिया और यूएई से जुड़ा दावा
इन फ़ाइलों में साल 2022 के वो वीडियो क्लिप भी शामिल हैं, जो अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व में लिए थे.
इराक़, सीरिया और संयुक्त अरब अमीरात के फ़ुटेज में वह चीज़ दिखाई देती है जिसे पेंटागन की वेबसाइट “अनसुलझी, अज्ञात और असामान्य घटना” बताती है.
साल 2022 का एक क्लिप, जो मध्य पूर्व में किसी अज्ञात जगह पर लिया गया था, उसमें एक अंडाकार चीज़ को बाईं से दाईं ओर तेज़ी से जाते हुए दिखाया गया है. इसके साथ की रिपोर्ट में इसे “संभावित मिसाइल” बताया गया है.
सांसदों ने बताया अच्छी शुरुआत, लेकिन ज़्यादा की मांग
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इमेज कैप्शन, नीदरलैंड्स में यूएफ़ओ की तरह दिखने वाली एक इमारत (फ़ाइल फ़ोटो). यूएफ़ओ के बारे में जानना लोगों की पुरानी इच्छा रही है और इसे लेकर कई तरह के दावे होते रहे हैं
टेनेसी के रिपब्लिकन सांसद टिम बर्चेट ने पहले भी यूएफ़ओ देखे जाने के मामलों में सरकारी पारदर्शिता बढ़ाने की मांग की है.
उन्होंने पेंटागन की ओर से फ़ाइलें सार्वजनिक किए जाने का स्वागत किया और एक्स पर एक पोस्ट में इसे “एक बेहतरीन शुरुआत” बताया.
फ़्लोरिडा से रिपब्लिकन कांग्रेसी अन्ना पॉलिना लूना भी इस मुद्दे पर पारदर्शिता की वकालत करती हैं.
उन्होंने एक बयान में इस क़दम को “सही दिशा में उठाया गया पहला बहुत बड़ा कदम” बताया.
हालाँकि कभी ट्रंप की सहयोगी रहीं पूर्व कांग्रेसी मार्जोरी टेलर ग्रीन ने कहा कि फ़ाइलें सार्वजनिक करना अमेरिकियों के सामने मौजूद ज़्यादा ज़रूरी मुद्दों, मसलन बढ़ती कीमतें और ईरान में चल रहे युद्ध से ध्यान भटकाने की एक कोशिश है.
मार्जोरी टेलर ग्रीन के बाद में राष्ट्रपति ट्रंप से रिश्ते ख़राब हो गए थे और उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी.
ग्रीन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “मैं इस तरह के ‘चमकती चीज़ों की तरफ़ देखो’ वाले प्रोपेगैंडा से पूरी तरह ऊब चुकी हूँ.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.