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उम्मीद:दिल्ली के पांच लाख झुग्गी परिवारों को पक्के मकान देने की तैयारी, पात्र लोगों को मिलेगा पुनर्वास का लाभ – Plans Underway To Provide Permanent Housing To 500,000 Slum-dwelling Families In Delhi

Byadmin

Nov 6, 2026


दिल्ली की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले करीब पांच लाख परिवारों यानी लगभग 20 लाख लोगों को पक्के मकान मिलने की उम्मीद जगी है। दिल्ली सरकार ने झुग्गीवासियों के पुनर्वास के लिए नई नीति अधिसूचित कर दी है। इसके तहत एक जनवरी 2025 तक स्थापित झुग्गी बस्तियों में रहने वाले निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले परिवारों को पक्के मकान देने का प्रावधान किया गया है।

सरकार ने जहां झुग्गी, वहां मकान के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए यथास्थान पुनर्वास को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। इसके तहत झुग्गीवासियों को उनकी मौजूदा बस्ती में या उसके तीन किलोमीटर के दायरे में आवास उपलब्ध कराने प्रावधान किया है। मकान का आवंटन निर्धारित पात्रता और अन्य शर्तें पूरी करने पर ही होगा।

दिल्ली के शहरी विकास विभाग ने दिल्ली झुग्गी एवं झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति-2026 अधिसूचित की है। नई नीति में आवास देने के साथ लोगों के रोजगार, बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक जीवन को भी ध्यान में रखा गया है। नीति के तहत पात्र परिवारों को एक बेडरूम, हॉल और किचन वाला मकान दिया जाएगा। झुग्गियों में रहने वाले परिवारों को वैकल्पिक आवास आवंटित किए बिना नहीं हटाया जाएगा। पहले की योजनाओं के दायरे से बाहर रह गए परिवारों को भी नई नीति के तहत लाभ पाने का अवसर मिल सकता है।

झुग्गी में अलग है परिवार तो अलग मकान

नीति के तहत यदि झुग्गी में अलग-अलग परिवार अपनी स्वतंत्र गृहस्थी चला रहे हैं और पात्रता व दस्तावेज संबंधी शर्तें अलग-अलग पूरी करते हैं तो उन्हें अलग आवासीय इकाइयां देने पर विचार किया जा सकेगा। पति-पत्नी के मामले में मकान का आवंटन संयुक्त रूप से किया जाएगा। वहीं, दिव्यांगजन वाले पात्र परिवारों को प्रमाणपत्र संबंधी शर्तें पूरी करने और मकानों की उपलब्धता के आधार पर भूतल पर आवास देने में प्राथमिकता मिलेगी।

स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र भी मिलेगा

मकानों के साथ स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं और बच्चों के खेलने के लिए मैदान भी विकसित किए जाएंगे। इन सुविधाओं की व्यवस्था संबंधित क्षेत्र के नियोजन नियमों के अनुरूप होगी। मकानों के आवंटन में पारदर्शिता के लिए कंप्यूटरीकृत लॉटरी की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही शिकायत निवारण और अपील का प्रावधान भी होगा। लाभार्थियों और परियोजनाओं की निगरानी के लिए केंद्रीकृत जीआईएस आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। आवंटन की तारीख से पांच साल तक बुनियादी ढांचे, सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था का रखरखाव सरकार करेगी। इसके बाद आवासीय परिसर की सामान्य सुविधाओं के प्रबंधन में लाभार्थी एसोसिएशन की भूमिका होगी।

झुग्गी टूटने से पहले मिलेगा किराये का मकान

पीपीपी मॉडल के तहत झुग्गी बस्तियों के यथास्थान पुनर्विकास के दौरान प्रभावित परिवारों को रहने के लिए अस्थायी आवास या किराये का मकान मिलेगा। इसके बदले किराये के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा सकती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब कल्याण और अंत्योदय के विचारों से प्रेरित होकर यह नीति बनाई गई है। झुग्गियों में रहने वाले मेहनतकश परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य देना उनकी जिम्मेदारी है।

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