डिजिटल डेस्क, पुणे। पुणे के पास लोहागढ़ किले में 18 जून को हुई केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत अब हत्या का मामला बन गया है। केतन के पिता विशाल देवीचंद अग्रवाल ने 23 जून को लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है, जिसमें मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी पर केतन को चट्टान से धक्का देकर मारने का आरोप लगाया गया है।
एफआईआर के अनुसार, केतन अग्रवाल ने परिवार को बताया था कि सिया गोयल कुछ समय से असामान्य व्यवहार कर रही थी। वह नखरे दिखा रही थी, छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करती थी और अक्सर चिढ़ी रहती थी। विवाद का मुख्य मुद्दा 4 जून को लोहागढ़ किले की यात्रा रद होने से जुड़ा था। सिया इस यात्रा पर जोर दे रही थी और केतन के मना करने पर बहुत गुस्सा हो गई थी।
17 जून की रात का प्लान
एफआईआर में दर्ज विवरण के मुताबिक, 17 जून की रात सिया गोयल ने अपने आगामी जन्मदिन का बहाना बनाकर केतन को व्हाट्सएप पर कॉल किया। उसने परिवार को मनाने के लिए केतन से मदद मांगी। केतन की मां राखी अग्रवाल ने पहले यात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, लेकिन सिया ने सीधे राखी अग्रवाल से बात कर उनका मन बदल लिया।
18 जून सुबह केतन घर से निकले, पुणे-मुंबई हाईवे पर किवाले पुल से सिया को साथ लिया और दोनों लोहागढ़ किले की ओर रवाना हुए। सुबह 10:45 बजे सिया ने केतन की मां को फोन कर बताया कि केतन गलती से किले में एक खाई में गिर गए हैं। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से केतन को खाई से निकाला गया, लेकिन अस्पताल पहुंचते-पहुंचते डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिवार को शक, साइट का निरीक्षण
21 जून को केतन के पिता विशाल अग्रवाल, अन्य रिश्तेदार और दोस्त नवदीप जिंदल व तरुण मित्तल घटनास्थल पर गए। उन्होंने चट्टान और आसपास का निरीक्षण किया और निष्कर्ष निकाला कि उस जगह से दुर्घटनावश फिसलकर गिरने की संभावना लगभग न के बराबर है। परिवार का मानना है कि यह हत्या थी।
एफआईआर में सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों का नाम शामिल है और आरोप लगाया गया है कि दोनों ने केतन अग्रवाल की हत्या इसलिए की क्योंकि वह उनके रिश्ते में बाधा बन गया था। लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत आरोप लगाए गए हैं।