पीटीआई, नई दिल्ली। देश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) ने स्पष्ट किया है कि H1N1 वायरस (स्वाइन फ्लू) का कोई नया स्ट्रेन यानी नया स्वरूप सामने नहीं आया है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
आइसीएमआर के सूत्रों ने कहा कि वर्तमान में इन्फ्लूएंजा का जो स्वरूप फैल रहा है वह उत्तरी गोलार्ध के लिए अनुशंसित वैक्सीन में शामिल स्वरूप से अच्छी तरह मेल खाते हैं।
सूत्रों ने कहा कि H1N1 सहित मौसमी इन्फ्लूएंजा आमतौर पर तीन से पांच दिनों में अपने आप ठीक होने वाला संक्रमण है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, सिरदर्द और बदन दर्द शामिल हैं तथा उचित देखभाल और आराम से ज्यादातर लोग ठीक हो जाते हैं।
हालांकि, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में जटिलताएं होने का जोखिम अधिक हो सकता है। लक्षण लंबे समय तक बने रहने, बिगड़ने या गंभीर होने की सूरत में डाक्टर से समय पर सलाह लेने की अपील की गई है।
आइसीएमआर के सूत्रों ने बताया कि देश में वर्तमान में फैल रहे इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) पीडीएम09 वायरस का संबंध ए/मिसौरी/11/2025 (H1N1) पीडीएम09 जैसे वायरस के स्वरूप से है।
राष्ट्रीय राजधानी में इस वर्ष 2,300 से अधिक इन्फ्लूएंजा-ए मामले सामने आए हैं। दिल्ली सरकार ने लोगों से भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचने और समय पर चिकित्सा सलाह लेने की अपील करते हुए एक हेल्थ एडवाइजरी जारी की है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को देश में H1N1 की स्थिति और स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों की समीक्षा की थी।
उन्होंने निगरानी मजबूत रखने, मामलों में असामान्य वृद्धि की समय पर पहचान करने तथा अस्पतालों में बेड, आक्सीजन, वेंटिलेटर, दवाओं और जांच सुविधाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया था।
यह बरतें सावधानियां
- ज्यादा भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
- जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनें।
- जो लोग बीमार हैं या जिन्हें सर्दी-जुकाम और बुखार है, उनसे उचित दूरी बनाकर रखें।
- अपने गंदे हाथों से बार-बार अपनी आंख, नाक या मुंह को न छूएं।