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जस्टिस कौल क्यों बोले, ‘सत्ता में मौजूद नेता नहीं चाहता कि उस पर कोई चेक एंड बैलेंस हो’

Byadmin

Oct 30, 2026


जस्टिस संजय किशन कौल

प्रकाशित

पढ़ने का समय: 7 मिनट

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस संजय किशन कौल ने अपनी किताब ‘विदाउट फ़ियर ऑर फ़ेवर’ में न्यायपालिका की कार्यप्रणाली, जजों की नियुक्ति और न्यायपालिका की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की है.

इस किताब की लॉन्चिंग से पहले ही संजय किशन कौल सुर्खियों में हैं. उन्होंने इस किताब में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के साथ कुछ विषयों पर असहमति का भी ज़िक्र किया है.

उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि पूर्व चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए प्रस्तावित नामों पर औपचारिक चर्चा से पहले ही सरकार के साथ उन पर विचार-विमर्श करते थे. जस्टिस कौल को यह तरीका पसंद नहीं था.

बीबीसी संवाददाता विनीत भल्ला को दिए इंटरव्यू में जस्टिस कौल ने पूर्व चीफ़ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के साथ जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर मतभेदों और कॉलेजियम व्यवस्था की कमियों पर बात की.

कौल के मुताबिक, नियुक्तियों में पारदर्शिता और समयबद्ध प्रक्रिया की कमी की वजह से कई योग्य वकील जज बनने से हिचकते हैं.

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