जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। यात्रियों को टोल प्लाजा पर रुक कर बिल्कुल प्रतीक्षा न करने पड़े और यात्रा सुगम हो, इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) विदेश की तर्ज पर यहां भी टोल बैरियर हटा कर मल्टीलेन फ्री फ्लो सिस्टम लागू कर रहा है।
गुजरात के चौर्यासी और दिल्ली के मुंडका में इसकी शुरुआत हो चुकी है, लेकिन इसके साथ ही कुछ शातिर वाहन चालकों ने इस सुविधा का दुरुपयोग करते हुए सिस्टम में सेंध लगाना शुरू कर दिया है। जिस तरह वह यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं, उसी तरह मात्र कुछ रुपये बचाने के लालच में नंबर प्लेट से छेड़छाड़ कर रहे हैं।
NHAI ने की कार्रवाई
शिकायत मिलने पर एनएचएआइ ने कार्रवाई सिर्फ मुंडका के एक मामले में की है, लेकिन सूचना है कि ऐसी गड़बड़ी करने वाले बहुतेरे हैं, जिन पर अब नजर और पैनी करने की जरूरत महसूस की जा रही है। देश में इस समस्या से यात्री लंबे समय तक जूझे हैं कि नेशनल हाईवे स्थित टोल प्लाजा पर कतारें लग जाती थीं और वाहन चालकों को प्रतीक्षा करनी पड़ती थी।
इस समय को कम से कम करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पहले फास्टैग की व्यवस्था लागू की। इसमें टोल बैरियर पर लगे कैमरे फास्टैग को स्कैन करते हैं, जिससे कि टोल राशि कट जाती है। इसमें भी कुछ मिनट का इंतजार टोल बैरियर पर करना पड़ता है।
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सरकार ने सुविधा को और बढ़ाते हुए मल्टीलेन फ्री फ्लो सिस्टम पर काम शुरू किया। सबसे पहले सूरत में चौर्यासी टोल प्लाजा पर और फिर दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 स्थित मुंदका पर शुरू लागू किया गया। चूंकि, अब इन दोनों स्थानों पर टोल बैरियर नहीं हैं, इसलिए यात्री बिना रुके रफ्तार से निकल रहे हैं।
एनएचएआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बीच कुछ शिकायतें ऐसी मिल रही हैं कि कुछ वाहन स्वामी इस व्यवस्था का दुरुपयोग कर रहे हैं। चूंकि, इस तकनीक में हाईवे पर गेंट्री (ऊंचा प्रवेश द्वार नुमा ढांचा) पर लगे आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्नीशन (एएनपीआर) कैमरे लगे होते हैं, वह नंबर प्लेट स्कैन करते हैं, उसी आधार पर उससे लिंक्ड फास्टैग से टोल राशि कट जाती है।
ऐसे में कुछ वाहन चालक नंबर प्लेट से छेड़छाड़ कर रहे हैं। वह फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वहां से गुजर रहे हैं। मुंडका में एक मामले में उस वाहन स्वामी ने शिकायत की, जिसकी गाड़ी घर खड़ी थी, लेकिन आए दिन उनके फास्टैग से पैसे कट रहे थे।
जांच में क्या मिला?
जांच में पाया गया कि डीएल10सीएन0169 पर पंजीकृत वाहन पर की नंबर प्लेट से छेड़छाड़ कर उसे डीएल10सीएन0188 कर दिया गया। एनएचएआइ ने जांच के बाद मुंडका थाने में मामला दर्ज कराया है।
एनएचएआइ अधिकारी का मानना है कि इस मामले की शिकायत मिली तो जांच कराना संभव हुआ, लेकिन ऐसे बहुत से मामलों की सूचना है, लेकिन वह पकड़े नहीं जा सके हैं। चूंकि यह धोखाधड़ी है, इसलिए विचार किया जा रहा है कि निगरानी व्यवस्था को तकनीकी रूप से कैसे और सक्षम बनाएं, साथ ही इसमें पुलिस का सहयोग लेकर सख्त कार्रवाई शुरू करनी होगी।