डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने सोमवार को कहा कि महिलाओं के चरित्र पर हमला करके उन्हें बदनाम करना एक पुराना तरीका है। उन्होंने कहा कि यह चलन सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। कंगना ने समाज से अपील की कि वह आत्म-मंथन करे और समझे कि महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है।
एक्टर से नेता बनीं कंगना ने तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की ओर से एक्ट्रेस तृषा पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों का भी जिक्र किया।
‘हमेशा महिलाओं को ही निशाना बनाया जाता है’
कुल्लू में जिला विकास समन्वय और निगरानी बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कंगना रनौत ने कहा, “आपने देखा है कि तमिलनाडु में क्या हुआ, जहां एक बहुत सम्मानित कलाकार और अभिनेत्री एक ऐसे मामले में शामिल थीं जिसमें दोनों पक्षों के बीच संबंध थे। हालांकि, जब गाली-गलौज और चरित्र हनन की बात आती है तो हमेशा महिला को ही निशाना बनाया जाता है।”
कंगना रनौत ने कहा, “हम सब जानते हैं कि यह सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में ऐसा होता है। चाहे कोई महिला कामकाजी हो, सफल हो, लीडर हो या किसी ऊंचे ओहदे या अधिकार वाली जगह पर हो उसके चरित्र पर हमला करके उसे हमेशा नीचे गिराने की कोशिश की जाती है।”
उन्होंने आगे कहा, “तो महिलाओं के चरित्र पर इस तरह के हमले कब बंद होंगे? एक समाज के तौर पर हमें कहीं न कहीं खुद में झांकने और यह पूछने की जरूरत है कि हम महिलाओं को किस नजरिए से देखते हैं और क्या हम सच में उनका सम्मान करते हैं या नहीं।”
सीएम विजय ने भी दी चेतावनी
कल तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा, “कड़ी राजनीतिक आलोचना हो सकती है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।” वहीं, विपक्षी पार्टी डीएमके को चेतावनी देते हुए विजय ने कहा कि महिलाओं पर निजी हमले, दोहरे अर्थ वाले अपमानजनक शब्द या अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर तुरंत और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।