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तेल कंपनियों पर बिफरे ट्रंप:शवोन के Ceo को अमेरिकी राष्ट्रपति की खरी-खरी, क्या घटेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? – Trump Slams Chevron Ceo, Demands Immediate Fuel Price Cuts Amid Rising Oil Costs

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Aug 4, 2026


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल कंपनी शवोन के चेयरमैन और सीईओ माइक वर्थ पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि वर्थ ने कंपनी की सफलता का श्रेय अपनी नीतियों को दिया, लेकिन यह भूल गए कि उनकी सरकार की नीतियों के बिना अमेरिकी तेल उद्योग और देश दोनों मुश्किल में पड़ जाते। साथ ही उन्होंने तेल कंपनियों से उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतें तुरंत कम करने की मांग भी की।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर क्या कहा?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि माइक वर्थ ने एक इंटरव्यू में शवोन की सफलता के कई कारण गिनाए, लेकिन उन्होंने ट्रंप प्रशासन की भूमिका का जिक्र नहीं किया। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी सरकार की दूरदर्शिता, मजबूती और स्थिर नीतियों की वजह से ही अमेरिकी तेल उद्योग आज मजबूत स्थिति में है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार नहीं होती, तो तेल उद्योग लगभग खत्म हो चुका होता।

वेनेजुएला का भी किया जिक्र

ट्रंप ने कहा कि उनके कार्यकाल में वेनेजुएला पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों ने अमेरिकी रणनीति को मजबूती दी। उनके मुताबिक, शवोन को पहले वेनेजुएला से बाहर होना पड़ा था, लेकिन अब कंपनी पहले से ज्यादा मजबूत स्थिति में वहां लौट रही है और बड़ा मुनाफा कमाने की उम्मीद कर रही है।

तेल कंपनियों को दी सीधी चेतावनी

ट्रंप ने सिर्फ शवोन ही नहीं, बल्कि अन्य तेल कंपनियों को भी खुदरा ईंधन कीमतें तुरंत कम करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आम उपभोक्ताओं को राहत मिलनी चाहिए और कंपनियों को पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने चाहिए।

शवोन CEO ने क्या कहा था?

इससे पहले शवोन के सीईओ माइक वर्थ ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा था कि ईरान से जुड़े युद्ध और पश्चिम एशिया के तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार अब भी अस्थिर बना हुआ है। उन्होंने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में जारी संकट के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है, जबकि लाल सागर में जारी व्यवधान के कारण भी वैश्विक आपूर्ति पर असर पड़ा है।

ईंधन कीमतों पर बढ़ा दबाव

रिपोर्टों के अनुसार, ईरान से जुड़े संघर्ष के बाद अमेरिका में पेट्रोल की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। अमेरिकी ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) के आंकड़ों के मुताबिक, देश में पेट्रोल की औसत कीमत 4.10 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है, जो संघर्ष शुरू होने के समय की तुलना में एक डॉलर से अधिक ज्यादा है।

ट्रंप पर भी बढ़ रहा राजनीतिक दबाव

ईंधन की बढ़ती कीमतों और महंगाई को लेकर ट्रंप विपक्ष के निशाने पर हैं। अमेरिका में होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले बढ़ती लागत उनके लिए राजनीतिक चुनौती बनती दिख रही है।

हालांकि ट्रंप का दावा है कि यदि ईरान के साथ संघर्ष समाप्त हो जाता है, तो ईंधन की कीमतें तेजी से नीचे आएंगी। वहीं, कई अर्थशास्त्रियों का मानना है कि युद्ध के आर्थिक प्रभाव लंबे समय तक बने रह सकते हैं और कीमतों में तत्काल बड़ी गिरावट की संभावना सीमित है।

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