एएनआई, अगरतला। त्रिपुरा में हथियार डाल चुके सात उग्रवादी समूहों ने शुक्रवार को 11 मांगों को पूरा करवाने के लिए असम-अगरतला नेशनल हाईवे पर 72 घंटे का जाम शुरू कर दिया है।
उन्होंने त्रिपुरा सरकार की उस अपील को ठुकरा दिया, जिसमें उनसे अपनी मांगें पूरी होने तक सड़क और रेल मार्ग की नाकेबंदी हटाने को कहा गया था।
नेशनल लिबरेशन फ्रंट आफ त्रिपुरा (ओरिजिनल), एनएलएफटी (परिमाल देबबर्मा), आल त्रिपुरा टाइगर फोर्स, एनएलएफटी (नयन बाशी), ज्वाइंट एक्शन रिहैबिलिटेशन कमिटी, ज्वाइंट एक्शन कमिटी और आल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (ओल्ड) के सदस्यों और समर्थकों ने अपने पहले से घोषित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार सुबह जाम शुरू किया।
प्रदर्शनकारी बारामुरा के चंद्र साधुपदा इलाके में जमा हुए और नेशनल हाईवे को जाम कर दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान टायर भी जलाए गए, जिससे गाड़ियों की आवाजाही लगभग ठप हो गई और बड़ी संख्या में गाड़ियां अलग-अलग जगहों पर फंसी रह गईं।
एनएलएफटी नेता थामस त्रिपुरा ने कहा कि ये समूह लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं और दावा किया कि केंद्र और त्रिपुरा सरकार के साथ हुए कई समझौतों को लागू नहीं किया गया है।