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दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव के नतीजों में चार में से तीन प्रमुख पदों पर एबीवीपी विजयी रही है. इसको लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास की प्रतिक्रिया आई है.
सौरव दास का कहना है कि स्टूडेंट्स में मौजूदा सरकार के प्रति रोष है लेकिन वो बंटे हुए हैं.
सौरव दास ने एक्स पर लिखा, “दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव के नतीजों से दो बातें सामने आती हैं. पहली बात, ज़्यादातर छात्र मौजूदा सरकार के ख़िलाफ़ हैं, लेकिन वे बंटे हुए हैं और इसी वजह से मौजूदा सरकार को फ़ायदा होता है. लेकिन यह एक उम्मीद की बात है. जो लोग पदों पर बैठे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि वे राजा या रानी नहीं हैं. ज़्यादातर लोगों ने उन्हें वोट नहीं दिया है.”
“दूसरी बात, सीजेपी को परेशान करने पर ध्यान देने के बजाय, कांग्रेस और उसके संगठन से जुड़े लोगों के लिए बेहतर होगा कि वे अपने कामकाज को ठीक करें. यह कामकाज ठीक करने की कोशिश पिछले 12 साल से चल रही है और लोग अब धैर्य खो रहे हैं, ठीक उसी तरह जैसे एनएसयूआई के उस बाग़ी उम्मीदवार ने, जिसे टिकट नहीं मिला और उन्होंने उपाध्यक्ष पद पर बहुत बड़े अंतर से जीत हासिल की है.”
उन्होंने लिखा, “वामपंथी एकता में कुछ लोग विचारधारा पर बहुत ध्यान दे रहे हैं. उन्हें जागना चाहिए और हक़ीक़त समझनी चाहिए, कोई भी उनसे वैलिडेशन लेने नहीं आ रहा है. अगर यही विपक्ष की एकता है, तो मुझे डर है कि वे आगे भी विपक्ष में ही बने रहेंगे.”
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 के विजेताओं की सूची इस प्रकार है-
अध्यक्ष: यश डबास (एबीवीपी)
उपाध्यक्ष: दीपांशु शौकीन (निर्दलीय)
सचिव: रिया छावड़ी (एबीवीपी)
संयुक्त सचिव: लक्ष्यराज चौधरी (एबीवीपी)