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दुनिया के अलग-अलग नक्शे क्या सही दिखाते हैं और कहाँ गलत हो जाते हैं?

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Sep 7, 2026


मर्केटर और इक्वल अर्थ मैप में अफ्रीका की तुलना; बायीं ओर मर्केटर मैप में अफ्रीका अपने वास्तविक आकार की तुलना में अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है, जबकि दायीं ओर इक्वल अर्थ मैप महाद्वीप के आकार और क्षेत्रफल को बेहतर दर्शाता है
इमेज कैप्शन, मर्केटर और इक्वल अर्थ मैप में अफ्रीका की तुलना; बायीं ओर मर्केटर मैप में अफ्रीका अपने वास्तविक आकार की तुलना में अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है, जबकि दायीं ओर इक्वल अर्थ मैप महाद्वीप के आकार और क्षेत्रफल को बेहतर दर्शाता है

संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाले नक्शे को बदलने की अपील की है. उसका कहना है कि नया नक्शा महाद्वीपों का असली आकार ज़्यादा सही ढंग से दिखाए.

यूएन जनरल असेंबली ने “करेक्ट द मैप” नाम का प्रस्ताव पारित किया है.

इसका मक़सद मर्केटर नक्शे की उस गड़बड़ी को ठीक करना है, जिसमें अफ़्रीका का आकार ग्रीनलैंड के लगभग बराबर दिखता है. जबकि असल में अफ़्रीका, ग्रीनलैंड से क़रीब 14 गुना बड़ा है.

संयुक्त राष्ट्र ने “इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन” नाम का नया नक्शा अपनाया है. यह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों का असली आकार ज़्यादा सही ढंग से दिखाता है. हालांकि, इसमें भी कुछ कमियां हैं.

कई सालों से ऐसी कोशिशें होती रही हैं, जिनका मक़सद गोलाकार पृथ्वी की सतह को एक सपाट आयत पर ज़्यादा सही ढंग से दिखाना है. लेकिन हर तरीके के अपने फ़ायदे और अपनी कमियां हैं.

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