पीटीआई, कोझिकोड। केरल में सुन्नी-शफी इस्लामी विद्वानों की प्रमुख परिषद-समस्त केरल जमीयतुल उलमा ने कहा है कि मुसलमानों को अन्य धर्मों के अनुयायियों द्वारा धार्मिक अनुष्ठानों के रूप में की जाने वाली प्रथाओं से परहेज करना चाहिए।
यह बयान हाल ही में एक समारोह में मुस्लिम लीग की एक विधायक द्वारा पारंपरिक दीपक जलाने पर हुए विवाद के बीच आया है।
केरल विधानसभा में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग की पहली महिला विधायक फातिमा ताहलिया ने हाल ही में अपने निर्वाचन क्षेत्र में एक रेस्तरां का उद्घाटन करते हुए नीलाविलक्कू (पारंपरिक दीपक) जलाया, जिससे इस बात पर बहस छिड़ गई कि क्या एक मुस्लिम जन प्रतिनिधि को ऐसे समारोहों में भाग लेना चाहिए।
समस्त सेंट्रल मुशावारा ने तीन जून को जारी एक बयान में कहा कि नीलाविलक्कू जलाने की प्रथा लंबे समय से गैर-मुसलमानों द्वारा एक धार्मिक समारोह के रूप में प्रचलित है। मुसलमानों को सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखते हुए ऐसे मामलों में सावधानी बरतना चाहिए।