रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव पर गंभीर चिंता जताते हुए संघर्ष विराम की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात बेहद जटिल हैं, लेकिन युद्ध को रोकना और शांति बहाल करना ही सबसे सही रास्ता है। पुतिन ने स्पष्ट किया कि रूस इस पूरे मुद्दे में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और किसी भी तरह की मध्यस्थता करने के लिए तैयार है।
‘ईरान ने पहले उकसावे की कार्रवाई नहीं की’
रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें ईरान की ओर से किसी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई नजर नहीं आती। उन्होंने बताया कि एक समय ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहमति बनी थी और स्थिति नियंत्रण में थी, लेकिन बाद में हालात पूरी तरह बदल गए।
पुतिन ने बताया कि ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत में लगातार संयम बरतने की अपील की जा रही है। हालांकि ईरान का कहना है कि उन पर हमले हो रहे हैं और उनके लोगों की मौतें हो रही हैं, ऐसे में जवाबी कार्रवाई करना उनकी मजबूरी बन गई है। पुतिन ने माना कि यह स्थिति बेहद संवेदनशील और जटिल है, जिसमें हर पक्ष अपनी-अपनी सुरक्षा चिंताओं के साथ काम कर रहा है।
खाड़ी देशों के साथ अच्छे रिश्तों का हवाला
पुतिन ने कहा कि रूस के खाड़ी देशों के साथ अच्छे संबंध हैं और वह सभी पक्षों से संवाद बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि ईरान और अरब देशों दोनों के साथ रूस के मजबूत संबंध हैं, जिससे स्थिति को समझना और संतुलित दृष्टिकोण अपनाना जरूरी हो जाता है। पुतिन ने कहा कि रूस किसी भी तरह की शांति वार्ता या मध्यस्थता प्रक्रिया में योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि यदि रूस से कोई भूमिका निभाने की आवश्यकता होगी, तो वह पीछे नहीं हटेगा।
ट्रंप के युद्धविराम निर्णय का समर्थन
रूसी राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कदम का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने संघर्ष रोकने की बात कही थी। पुतिन ने कहा कि यह निर्णय सही दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे दीर्घकालिक शांति स्थापित करने में मदद मिल सकती है।