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नोएडा की डीएम मेधा रूपम और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया मामले में एक ही दिन उसी जज के सामने सुनवाई पर सवाल

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Sep 25, 2026


मेधा रूपम

इमेज कैप्शन, गौतमबुद्धनगर की डीएम मेधा रूपम के ख़िलाफ़ इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सख़्त टिप्पणी की थी
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नोएडा की डीएम मेधा रूपम के मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई को लेकर अधिवक्ताओं के एक संगठन ने जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच के एक ही दिन हुई दो सुनवाई किए जाने पर सवाल उठाए हैं.

लॉयर्स एसोसिएशन फ़ॉर कंस्ट्यूिशन (एलएएफ़सी) ने एक पत्र लिख कर 23 सितंबर को जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की ओर से दो मामलों की सुनवाई किए जाने को ‘न्यायिक मर्यादा’ का उल्लंघन बताया है.

लाइव लॉ के अनुसार, एसोसिएशन ने मांग की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त को क़ानून को चुनौती देने वाली याचिका को संविधान पीठ के पास भेजे जाने और नोएडा की डीएम को अंतरिम राहत देने के आदेश को वापस लिया जाए.

एसोसिएशन ने यह मांग उन ख़बरों के सामने आने के बाद की है, जिनमें कहा गया है कि जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा के बेटे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनाव आयोग के स्टैंडिंग काउंसिल हैं.

एसोसिएशन ने इस बात का भी ज़िक्र किया है कि मेधा रूपम, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बेटी हैं और मांग की है कि इन मामलों की नए सिरे से सुनवाई ऐसी पीठ करे, जिसमें जस्टिस शर्मा शामिल न हों.

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