जागरण टीम, नई दिल्ली। देश के मैदानी क्षेत्रों में तापमान बढ़ने के साथ ही लोगों का रुख एक बार फिर पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर की ओर तेजी से बढ़ा है।
ऐसे में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी आमद के कारण यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है और कई स्थानों पर लंबा जाम लगने लगा है। जम्मू-कश्मीर में भी पर्यटक पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां अभी उत्तराखंड और हिमाचल जैसी व्यापक जाम की समस्या सामने नहीं आई है।
उत्तराखंड में मसूरी, नैनीताल, धनौल्टी, चकराता, रानीखेत और औली जैसे लोकप्रिय स्थलों पर लगातार पर्यटक पहुंच रहे हैं। सप्ताहांत पर स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है। मसूरी और नैनीताल में निर्बाध यातायात बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा बन गया है।
नैनीताल में वाहनों का दबाव बढ़ने पर शटल सेवा संचालित की जा रही है। चारधाम यात्रा के चलते ऋषिकेश और अन्य यात्रा मार्गों पर भी वाहनों की संख्या बढ़ गई है, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को जाम का सामना करना पड़ रहा है।
हिमाचल प्रदेश में भी शिमला, मनाली और धर्मशाला सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। मनाली में होटलों की आक्यूपेंसी लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
मनाली से सटे रोहतांग दर्रे में मंगलवार को करीब 10 हजार पर्यटक पहुंचे। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण मनाली, नेहरूकुंड और रोहतांग मार्ग पर रुक-रुक कर जाम लगता रहा।
प्रशासन ने बढ़ती मांग को देखते हुए सप्ताह में एक दिन बंद रहने वाले रोहतांग दर्रे को अब मंगलवार को भी पर्यटकों के लिए खुला रखने का निर्णय लिया है।
जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग जैसे स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही जारी है, लेकिन अभी वहां उत्तराखंड और हिमाचल जैसी गंभीर यातायात बाधाएं नहीं देखी जा रही हैं। पर्यटन गतिविधियों में तेजी के बावजूद यातायात व्यवस्था अपेक्षाकृत संतुलित बनी हुई है।