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ब्रिक्स समिट में भारत न आकर बांग्लादेश ने क्या अपना ही नुक़सान कर लिया?

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Sep 17, 2026


बांग्लादेश

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इमेज कैप्शन, भारत ने कहा है कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान को दो न्योते दिए गए थे

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भारत ने पिछले हफ़्ते ब्रिक्स समिट में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान को भी आमंत्रित किया था लेकिन उन्होंने नहीं आने का फ़ैसला किया.

बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा था कि भारत ने तारिक़ को बिम्सटेक के अध्यक्ष के तौर पर ब्रिक्स समिट में शामिल होने का न्योता दिया था. इसे द्विपक्षीय निमंत्रण के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. बिम्सटेक बंगाल की खाड़ी के सात देशों का क्षेत्रीय संगठन है.

हुमायूं कबीर के इस तर्क पर मंगलवार को भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, “हमने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को द्विपक्षीय यात्रा के लिए भी आमंत्रित किया था. इसके बाद उन्हें बिम्सटेक के अध्यक्ष के तौर पर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भी आमंत्रित किया गया. उन्हें दो निमंत्रण मिले थे. एक द्विपक्षीय यात्रा के लिए और दूसरा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए.”

बांग्लादेश में भी इस बात पर बहस हो रही है कि जिस गुट में ढाका शामिल होना चाहता है, उसके समिट में न जाकर क्या हासिल किया? क्या बांग्लादेश ने इस फ़ैसले से अपना ही नुक़सान किया है?

अपने लोग ही उठा रहे सवाल

बांग्लादेश की अंग्रेज़ी न्यूज़ वेबसाइट द बिज़नेस स्टैंडर्ड से अमेरिका में बांग्लादेश के राजदूत रहे हुमायूं कबीर ने कहा, ”अब अगर हम वहाँ जाते, तो उससे क्या हासिल हो सकता था? वहाँ कुछ नया आकार लेता हुआ नज़र आ रहा है. हालांकि मैंने अभी इसका अंतिम नतीजा नहीं देखा है. वे सहयोग को और गहरा करने की कोशिश कर रहे हैं और इसी सिलसिले में डिजिटल करेंसी के स्तर पर तालमेल बढ़ाने के साथ-साथ हर देश की अपनी मुद्रा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की कोशिश हो रही है.”

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