जेएनएन, बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बिरसा के तत्कालीन ब्लॉक मेडिकल आफिसर (बीएमओ) डा. सुनील सिंह के विरुद्ध फर्जी एमबीबीएस डिग्री से नौकरी पाने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
सीएमएचओ डा. शत्रुघ्न दाहिया के अनुसार, आरोपित ने देवास में पदस्थ डा. सुनील सिंह के नाम पर यह डिग्री बनवाई थी। करीब पांच महीने की जांच में उसकी 10वीं और 12वीं की मार्कशीट भी फर्जी मिलीं।
बिरसा थाना पुलिस ने शनिवार शाम प्रभारी बीएमओ डा. नरेश मारन की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
मुरैना निवासी डॉ. सुनील सिंह की डिग्री अप्रैल 2026 में तब संदेह के घेरे में आई, जब पता चला कि एक ही नाम के दो डाक्टर बिरसा और देवास में सेवाएं दे रहे हैं। दोनों की डिग्री में नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, डिग्री वर्ष और कालेज का नाम एक ही था।
तत्कालीन सीएमएचओ डा. परेश उपलप ने मप्र मेडिकल काउंसिल और विभाग के आयुक्त को जांच के लिए पत्र लिखा। 17 सितंबर को दोनों को भोपाल बुलाया गया।
सत्यापन में देवास के डा. सुनील सिंह की डिग्री सही, जबकि बिरसा के डाक्टर की एमबीबीएस डिग्री और 10वीं-12वीं की मार्कशीट फर्जी मिलीं।
आरोपित ने 2008 में बालाघाट में संविदा चिकित्सक के रूप में सेवा शुरू की और 2012 से बिरसा में पदस्थ रहा।
2017-18 में शिकायत के बाद उसे हटाने का आदेश हुआ, लेकिन कोर्ट से स्टे ले आया। वह करीब चार साल वह बिरसा बीएमओ रहा। उसका मेडिकल काउंसिल में पंजीयन भी नहीं था।