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महिला पत्रकार पर यौन हमले के आरोप और प्रमोशन को लेकर चर्चा में आए विवेक भगत कौन हैं?

Byadmin

Oct 7, 2026


विवेक भगत

प्रकाशित

पढ़ने का समय: 4 मिनट

दिल्ली पुलिस के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (एसीपी) विवेक भगत इन दिनों एक महिला पत्रकार की शिकायत और उनके ख़िलाफ़ चल रही जांच को लेकर चर्चा में हैं.

महिला पत्रकार ने भगत पर यौन हमले का आरोप लगाया है.

इस आरोप के बाद एसीपी विवेक भगत को एडिशनल डीसीपी के पद का चार्ज दिया गया.

हालांकि, सरकार का कहना है कि भगत ने फ़िलहाल यह चार्ज लेने से इनकार कर दिया है.

3 अक्तूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन के दौरान दो महिला पत्रकारों और एक प्रदर्शनकारी युवती ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोप लगाए थे.

वीडियो कैप्शन, महिला पत्रकारों से यौन हिंसा का मामला

5 अक्तूबर को सरकार ने 12 अधिकारियों को एडिशनल डीसीपी का करंट ड्यूटी चार्ज देने का आदेश जारी किया था. इनमें विवेक भगत का नाम भी था.

सरकार ने बाद में कहा कि इन अधिकारियों को सीडीसी देने का प्रस्ताव 25 अगस्त को ही शुरू हो गया था, यानी 3 अक्तूबर के प्रदर्शन और उससे जुड़े विवाद से काफ़ी पहले.

सरकार के मुताबिक़ विवाद सामने आने के बाद विवेक भगत ने ख़ुद अनुरोध किया कि जब तक महिला पत्रकारों की शिकायतों की पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक उन्हें एडिशनल डीसीपी का सीडीसी न दिया जाए.

दिल्ली सरकार ने कहा कि उनके अनुरोध के बाद आदेश में बदलाव किया जाएगा और बाकी 11 अधिकारियों के लिए सीडीसी की व्यवस्था जारी रहेगी.

विवेक भगत को एडिशनल डीसीपी का करंट ड्यूटी चार्ज दिए जाने की ख़बर सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं ने दिल्ली पुलिस और सरकार पर सवाल उठाए थे.

आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने एक्स पर लिखा, “मोदी सरकार ने एसीपी विवेक भगत को एडिशनल डीसीपी के पद पर प्रमोट किया. उन पर ही महिला पत्रकार से बदसलूकी का आरोप लगा था. बीजेपी से इस देश की महिलाएं अपनी सुरक्षा और सम्मान की क्या उम्मीद कर सकती हैं?”

कॉकरोच जनता पार्टी की रत्ना सिंह ने लिखा, “दिल्ली के एसीपी विवेक भगत, जिन पर महिला पत्रकार से बदसलूकी का आरोप है, उन्हें एडिशनल डीसीपी के पद पर प्रमोट कर दिया गया. भारत में अगर आप पर अपराध का आरोप है, तो आपको प्रमोशन मिलता है. आपका माला पहनाकर स्वागत किया जाता है. दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया और अब ये सब हो रहा है. क्या ही चल रहा है! शर्मनाक!”

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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