इमेज कैप्शन, मुंबई के पायधुनी में रहने वाले एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई है….में
मुंबई के पायधुनी में रहने वाले एक परिवार के चार लोगों की मौत के मामले में गुरुवार सात मई को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की रिपोर्ट आ गई है.
इस रिपोर्ट के मुताबिक, सभी मृतकों के आंतरिक अंगों के सैंपल्स में जिंक फॉस्फाइड पाया गया, जिनमें लिवर, किडनी और प्लीहा शामिल हैं. साथ ही पेट, पित्त और पेट की चर्बी के सैंपल्स में भी यह पदार्थ पाया गया.
मुंबई पुलिस के डीसीपी (ज़ोन 1) ने कहा, “फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) से मिली रिपोर्ट से पता चला है कि मारे गए सभी लोगों के आंतरिक अंगों के सैम्पल्स में ज़िंक फॉस्फाइड पाया गया है.”
उन्होंने आगे कहा, “जांच के दौरान लिए गए तरबूज के सैंपल में भी जिंक फॉस्फाइड मिला.”
हालांकि, जांच के लिए भेजे गए किसी दूसरे फूड सैंपल में जिंक फॉस्फाइड नहीं पाया गया.
डीसीपी मुंडे ने बताया, “एफएसएल की रिपोर्ट का गहन अध्ययन किया जाएगा और फॉरेंसिक डॉक्टरों के परामर्श से आगे की जांच की दिशा तय की जाएगी.”
बीबीसी मराठी से फॉरेंसिक रिपोर्ट के बारे में बात करते हुए, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के निदेशक डॉ. विजय ठाकरे ने कहा, “हमने आज जेजे मार्ग पर एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के मामले में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है.”
जिंक फॉस्फाइड क्या है और इसे इतना खतरनाक क्यों माना जाता है?
जिंक फॉस्फाइड एक अत्यंत विषैला केमिकल है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से चूहों वगैरह को मारने के लिए किया जाता है. इसका उपयोग कृषि और अनाज भंडारण में भी किया जाता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, जिंक फॉस्फाइड पेट के एसिड के साथ प्रतिक्रिया करता है और फॉस्फीन नामक एक अत्यधिक विषैली गैस पैदा करता है.
यह गैस शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा उत्पन्न करने से रोकती है, जिसका हृदय, फेफड़े और यकृत पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है.
जिंक फॉस्फाइड को गलती से निगलना या फॉस्फीन गैस को साँस के ज़रिए शरीर में लेना घातक हो सकता है.
यही कारण है कि कई देशों में इस रसायन के उपयोग पर सख्त नियम और नियंत्रण लागू हैं और यह आम जनता के लिए आसानी से उपलब्ध नहीं होता.
क्या थी पूरी घटना
इमेज कैप्शन, डॉ. क़ुरैशी उसी बिल्डिंग में रहते हैं और उन्होंने परिवार की मदद करने की कोशिश की थी
मुंबई के पायधुनी में रहने वाले एक परिवार के चार लोगों की एक ही रात में कुछ घंटों के अंतराल में डायरिया और उल्टी के कारण मौत हो गई थी. 25 अप्रैल को पूरे परिवार ने डिनर के बाद देर रात तरबूज़ खाया था और स्थानीय डॉक्टरों ने आशंका जताई थी कि मौत की वजह फ़ूड प्वाइज़निंग हो सकती है.
पुलिस ने खाने और तरबूज़ के सैंपल लैब में भेज दिए थे. पुलिस ने बताया था कि परिवार ने कुछ रिश्तेदारों के साथ रात में डिनर किया था.
यह परिवार पायधुनी इलाक़े की ओल्ड मुग़ल बिल्डिंग में फ़र्स्ट फ़्लोर पर रहता था. परिवार में अब्दुल्लाह डोकाडिया (40), उनकी पत्नी नसरीन डोकाडिया (35) और उनकी दो बेटियां थीं, जिनकी उम्र 16 और 13 साल थी.
इनमें तीन लोगों की मौत जेजे अस्पताल में इलाज के दौरान हुई. स्थानीय डॉक्टर ज़ैद क़ुरैशी ने बताया कि छोटी बेटी की मौत घर के पास के अस्पताल ले जाते समय हुई.
पुलिस ने बताया कि रिश्तेदारों समेत परिवार ने 25 अप्रैल को साथ में डिनर किया था. रिश्तेदारों के जाने के बाद परिवार ने रात क़रीब 1.30 बजे तरबूज़ खाया था. इसके बाद अगली सुबह पूरे परिवार को डायरिया और उल्टी होने लगी. इस दौरान बिल्डिंग में मौजूद पड़ोसियों ने मदद करने की कोशिश की.
डॉ. ज़ैद क़ुरैशी इसी बिल्डिंग के चौथे फ़्लोर पर रहते थे. उन्होंने तुरंत उनकी जांच की. डॉ. क़ुरैशी ने बीबीसी को बताया कि जब वो वहां पहुंचे तो कमरे में चारों लोगों की हालत काफ़ी गंभीर थी.
उन्होंने कहा, “उस समय तक मैंने देखा कि सबसे छोटी बेटी को सांस लेने में मुश्किल हो रही थी. मैंने तुरंत उसे सीपीआर देने की कोशिश की. लेकिन जब हालात ठीक नहीं हुए, तो मैं उसे पास के अस्पताल ले गया. तब तक उसकी मौत हो चुकी थी.”
डॉ. क़ुरैशी ने बताया, “अन्य तीन लोगों को बाद में स्थानीय अस्पताल से जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां कुछ घंटे तक उनका इलाज चला. बाद में उनकी मृत्यु हो गई.”
घटना वाले दिन पुलिस ने क्या बताया था?
इमेज कैप्शन, जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन
इस सिलसिले में जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन में अप्राकृतिक मौत का एक मामला दर्ज कराया गया था.
डिप्टी पुलिस कमिश्नर प्रवीन मुंडे ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा था, “परिवार के चारों सदस्यों की मौत हो गई. उन्होंने 25 अप्रैल की रात रिश्तेदारों के साथ डिनर किया था.”
पुलिस ने बताया था, “शवों का पोस्टमार्टम किया गया है. परिवार ने जो खाना खाया था, उसका सैंपल लिया है. तरबूज़ का भी सैंपल लिया गया है. शरीर से भी सैंपल लिए गए हैं. इस मामले में जांच की जा रही है.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.