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यूपीआई भुगतान पर चार्ज को अमेरिकी दबाव से क्यों जोड़ा जा रहा है?

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Sep 17, 2026


ट्रंप

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (दाएं) और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (बाएं) 17 जून, 2026 को पूर्वी फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक में बातचीत करते हुए

    • Author, रजनीश कुमार
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता
  • प्रकाशित

  • पढ़ने का समय: 8 मिनट

नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने 2,000 रुपए से ज़्यादा के यूपीआई भुगतान पर 0.4% शुल्क लागू किया है.

यह शुल्क बैंकों और पेमेंट प्रोसेसर्स को मिलेगा, जिसका भुगतान मर्चेंट यानी दुकानदार करेंगे.

मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम के भीतर लगाया जाने वाला शुल्क है.

यूपीआई से लेनदेन करते समय ग्राहक को यह शुल्क नहीं देना होगा. पर्सन-टु-पर्सन (पी2पी) यूपीआई ट्रांसफर मुफ़्त जारी रहेंगे जबकि 2,000 रुपए तक के मर्चेंट भुगतान भी मुफ्त रहेंगे.

सरकार ने कहा है कि क़रीब 96% ग्राहकों और दुकानदारों के लेनदेन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. जब आप कोई सामान ख़रीदने के बदले दुकानदार को भुगतान करते हैं तो उसे मर्चेंट ट्रांजैक्शन कहते हैं.

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