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रूस की Oreshnik से कांपा यूक्रेन: भारत के पास है उससे भी ज्यादा विनाशकारी मिसाइल

Byadmin

May 25, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर ओरेश्निक मिसाइल से हमला किया है। यह मिसाइस हमला मॉस्को पर यूक्रेन को ड्रोन हमले में 18 रूसी छात्रों के मारे जाने के दो दिन बाद किया गया। यह हमला मॉस्को पर हुई ड्रोन हमले का जवाब माना जा रहा है।

यूक्रेन के पास इस रूसी इंटरमीडिएट-रेड वैलिस्टिक मिसाइल के हमले को रोकने के लिए कोई हथियार नहीं हैं, जो आवाज की गति के 10 गुना तेज है। IRBM के इस्तेमाल के बाद दुनिया भर में हाइपरसोनिक और MIRV तकनीक वाली मिसाइलों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूस की इस क्षमता के मुकाबले भारत के पास अग्नि-V जैसी कहीं अधिक उन्नत और घातक बैलिस्टिक मिसाइल मौजूद हैं, जो गति, रेंज और मल्टी वारहेड क्षमता के मामले में बेहद शक्तिशाली मानी जाती हैं।

कितनी खतरनाक है MIRV तकनीक?

ओरेश्निक की सबसे बड़ी ताकत उसकी MIRV क्षमता मानी जाती है। इस तकनीक में एक ही मिसाइल कई अलग-अलग वारहेड लेकर चली जाती है और उन्हें अलग-अलग टार्गेटों पर गिरा सकती है।

डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुकाबिक, यही वजह है कि ऐसी मिसाइलों को रोकना बेहद कठिन हो जाता है। जब एक मिसाइल हवा में जाकर कई छोटे वारहेड्स में विभाजित हो जाती है, तब एयर डिफेंस सिस्टम भ्रमित हो जाते हैं और सभी लक्ष्यों को एक साथ रोक पाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।

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पिछले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों ने भी यह दिखाया कि अमेरिका के THAAD, इजरायल के David’s Sling और Arrow-2 जैसे आधुनिक डिफेंस सिस्टम भी हर मिसाइल को रोकने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाए। एक्सपर्ट का कहना है कि हाइपरसोनिक गति और टर्मिनल फेज में तेज मैन्युवरिंग के कारण डिफेंस सिस्टम को प्रतिक्रिया देने का समय ही नहीं मिल पाता है।

भारत के पास ज्यादा सक्षम विकल्प

डिफेंस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर कभी भारत को ऐसी ही क्षमता दिखाने की जरूरत पड़ती है, तो भारत के पास अपनी पसंद के हथियार के तौर पर Agni-V IRBM का इस्तेमाल करेगा।

MIRV क्षमता वाली यह मिसाइल Mach 24 की गति तक पहुंच सकती है। इसका मतलब है कि यह मिलाइल 30,000 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उड़ेगी। इसकी घोषित रेंज 5,500 किलोमीटर है जो चीन, यूरोप के अधिकांश हिस्सों और अफ्रीका को कवर करती है।

Agni 5

अग्नि-V की खूबियां

MIRV क्षमता: अग्नि-V एक साथ कई वारहेड ले जाने में सक्षम मानी जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह 10 तक वारहेड ले जा सकती है, जो ओरेश्निक की प्रदर्शित क्षमता से अधिक बताई जा रही है।

तेज और कम ऊंचाई वाला प्रक्षेपण: मिसाइल को ‘डिप्रेस्ड ट्रेजेक्टरी’ पर लॉन्च किया जा सकता है, जिससे उड़ान का समय कम हो जाता है और दुश्मन को प्रतिक्रिया देने का समय बेहद कम मिलता है।

इंटरसेप्ट करना बेहद कठिन: मिड-कोर्स मैन्युवरिंग क्षमता के कारण यह दुश्मन के बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम को भ्रमित कर सकती है।

कैनिस्टर आधारित लॉन्च सिस्टम: अग्नि-V को सीलबंद कैनिस्टर में रखा जाता है। इससे मिसाइल लंबे समय तक सुरक्षित रहती है और जरूरत पड़ने पर तुरंत लॉन्च की जा सकती है। यह इसे अधिक मोबाइल और युद्ध के लिए तैयार बनाता है।

स्वदेशी नेविगेशन तकनीक: मिसाइल में भारत की स्वदेशी NAVIC प्रणाली, Inertial Navigation System (INS) और रिंग लेजर जाइरोस्कोप का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसकी सटीकता काफी बढ़ जाती है।

अत्यधिक तापमान सहने की क्षमता: मिसाइल में इस्तेमाल की गई उन्नत सामग्री 4,000 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान सह सकती है। हाइपरसोनिक गति पर पृथ्वी के वातावरण में दोबारा प्रवेश के दौरान यह क्षमता बेहद अहम मानी जाती है।

भारत की रणनीतिक ताकत में बड़ा इजाफा

रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि अग्नि-V भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता को नई मजबूती देता है। खासकर चीन और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों के बीच यह मिसाइल भारत की लंबी दूरी की मारक क्षमता का अहम हिस्सा बन चुकी है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आधुनिक युद्ध में केवल परमाणु क्षमता ही नहीं बल्कि मिसाइल की गति, मैन्युवरिंग, मल्टी-वारहेड तकनीक और सर्वाइवल क्षमता भी निर्णायक भूमिका निभाती है। इसी वजह से अग्नि-V को भारत के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक हथियारों में गिना जा रहा है।

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