• Tue. Jun 16th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

सुदीप बंदोपाध्याय ने पूरी की भाजपा की दशकों पुरानी मुराद, अटल बिहारी वाजपेयी का सपना पूरा

Byadmin

Jun 16, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को एक के बाद एक कई झटके लग रहे हैं। लेकिन तृणमूल कांग्रेस के छह बार के सांसद और लोकसभा में पार्टी के नेता सुदीप बंदोपाध्याय का बागी सांसदों से मिल जाना ममता बनर्जी के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा सकता है।

सुदीप बंदोपाध्याय ने बीते दिन रविवार, 14 जून को दूसरे बागी सांसदों के साथ मिलकर स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी में चल रहे संकट के बीच उन्होंने पाला बदल लिया।

ममता का छोड़ा साथ, BJP की मुराद पूरी

77 वर्षीय बंदोपाध्याय संसद के अनुभवी नेता हैं। पार्टी की चेयरपर्सन 71 वर्षीय ममता बनर्जी से उम्र में बड़े होने के बावजूद, वे दशकों तक उनके सबसे भरोसेमंद नेताओं में से एक रहे हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान, बंदोपाध्याय उन अहम हस्तियों में से एक थे, जिन्हें BJP अपने साथ लाना चाहती थी। इसकी वजह साफ थी कि वे तृणमूल के सबसे मजबूत सांसदों में से एक थे।

सुदीप बंदोपाध्याय ने 1999 में लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के तौर पर काम किया था और उन्हें संसदीय प्रक्रियाओं की गहरी जानकारी थी। वे संसद की कार्यप्रणाली को अच्छी तरह समझते थे।

बीजेपी उस दौरान वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में हिंदी पट्टी से बाहर अपना विस्तार करने की कोशिश कर रही थी। उनका मानना था कि सुदीप बंदोपाध्याय कोलकाता और बाकी बंगाल में तृणमूल के प्रभाव को कमजोर करने में उनकी मदद कर सकते हैं। हालांकि, उस समय वे BJP में शामिल नहीं हुए।

चुनाव के बाद TMC में बगावत

अब कई सालों बाद राजनीतिक स्थिति पूरी तरह से बदल गई है। विधानसभा चुनाव 2026 के बाद तृणमूल को आंतरिक बगावत का सामना करना पड़ रहा है तो सुदीप बंदोपाध्याय की बीजेपी नेताओं के साथ बैठक ने पार्टी के भीतर एक नई बहस छेड़ दी है। यह सिर्फ एक बैठक की बात नहीं है, बल्कि इसका समय भी महत्वपूर्ण है।

बीजेपी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ बंदोपाध्याय की बैठक अब उन असंतुष्ट आवाजों को और तेज कर रही है जो तृणमूल की मौजूदा दिशा पर सवाल उठा रही हैं। यह मीटिंग एक मजबूत राजनीतिक संकेत देती है, खासकर ऐसे समय में जब कई घटनाक्रम एक साथ चल रहे हैं।

By admin