डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने इसकी आपूर्ति बढ़ाने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार अपना बफर स्टाक बाजार में उतारेगी। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने सोमवार को बताया कि सरकार ने महाराष्ट्र के नासिक से बड़े खपत वाले केंद्रों तक ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिये प्याज का स्टॉक पहुंचाना शुरू कर दिया है।
विशेष ट्रेन पर अभी जो स्टाक चढ़ाया जा रहा है, उसके बुधवार तक निर्धारित केंद्रों पर पहुंचने की उम्मीद है। एनसीसीएफ (राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ) और नैफेड (राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ) जैसी एजेंसियों के जरिये खुदरा बाजार में प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बेचा जाएगा।
कितना बढ़ गया प्याज का दाम?
पिछले कुछ दिनों से प्याज की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है। दिल्ली में सोमवार को प्याज की खुदरा कीमत 55 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि एक साल पहले यह 35 रुपये थी। चेन्नई में प्याज 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, जबकि पिछले साल यह 33 रुपये था। कोलकाता में 53 रुपये प्रति किलोग्राम प्याज बिका।
निधि खरे ने बताया कि शुरुआत में प्याज की आपूर्ति पांच प्रमुख खपत केंद्रों–दिल्ली, चेन्नई, मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी में की जाएगी। बाद में बाजार की जरूरतों के आधार पर और जगहों को इसमें शामिल किया जाएगा। इन चुनिंदा खपत केंद्रों में थोक और खुदरा दोनों बाजारों में प्याज की आपूर्ति की जाएगी।
प्यार के दाम पर नजर रख रही सरकार
खरे ने कहा कि सरकार कीमतों पर कड़ी नजर रख रही है। नासिक में मंडी की कीमतें दिल्ली से अधिक हैं, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। इसका मतलब है कि व्यावसायिक गुटबाजी और सट्टेबाजी चल रही है। सरकार के पास चालू वर्ष के लिए 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टाक है, जो मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
उल्लेखनीय है कि त्योहारी मांग, मौसम से जुड़ी रुकावटों, आपूर्ति शृंखला की गतिविधियों और मांग के पैटर्न में बदलाव के कारण अगस्त-सितंबर में प्याज की कीमतों में आम तौर पर मौसमी उछाल देखा जाता है। इससे निपटने के लिए सरकार बफर स्टाक को नियंत्रित तरीके से जारी करती है।
बड़े पैमाने पर प्याज ढुलाई के लिए शुरू की गई थी ‘कांदा एक्सप्रेस’
बड़े पैमाने पर प्याज की ढुलाई के लिए लाजिस्टिक क्षमता को बेहतर बनाने की खातिर वर्ष 2024-25 में ‘कांदा एक्सप्रेस’ शुरू की गई थी। तब से इसका उपयोग काफी बढ़ाया गया है।
साल 2024-25 में लगभग 12 हजार टन प्याज का बफर स्टाक लेकर 14 रैक पांच शहरों में भेजे गए थे। साल 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 86 रैक हो गई है। इसके जरिये देशभर के 16 बड़े शहरों में लगभग 88 हजार टन प्याज पहुंचाया गया।