दुनिया के कई देशों को आने वाले वर्षों में भारतीय चीनी कम मिल सकती है। पहली नजर में यह खबर भारत के लिए नकारात्मक लग सकती है, लेकिन पूरी तस्वीर कहीं ज्यादा जटिल और दिलचस्प है। मामला केवल चीनी उत्पादन में कमी का नहीं है, बल्कि भारत की बदलती ऊर्जा नीति, किसानों की आय, जलवायु जोखिम और खाद्य सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
आइए जानते हैं कि वैश्विक चीनी उत्पादन में भारत का क्या स्थान है? वर्तमान में चीनी उत्पादन को लेकर आंकड़े क्या बताते हैं? इस सीजन कितना चीनी का उत्पादन हुआ? कौन से राज्यों में सबसे ज्यादा उत्पादन हुआ? अल नीनो ने उत्पादन पर कैसे असर डाला? विशेषज्ञों का क्या कहना है? भारत की एथेनॉल नीति कैसे बदल रही है? ब्राजील की क्या स्थिति है? सरकार क्यों बनाना चाहती है एथेनॉल को वैकल्पिक ईंधन? वैश्विक चीनी बाजार की क्या स्थिति है?
दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादक देशों में शामिल है भारत
अमेरिकी कृषि विभाग के अनुसार भारत दुनिया के दूसरे सबसे बड़े चीनी उत्पादकों में शामिल है।