डिजिटल डेस्क नई दिल्ली। आज के दौर में जहां हर कोई कॉरपोरेट जगत में ऊंचे पैकेज और एसी केबिन वाली नौकरी के पीछे भाग रहा है, वहीं एक महिला ने मानसिक शांति और खुद के लिए वक्त निकालने के लिए आईटी कंपनी की नौकरी छोड़ ऑटो-रिक्शा चला रही है। हैरानी बात यह है कि आईटी की नौकरी छोड़ और ऑटो-रिक्शा 60,000 रुपये कमा रही है।
खबरों के मुताबिक, महिला को अपनी पिछली नौकरी तनावपूर्ण लगती थी और काम व निजी जीवन में संतुलन बनाए रखना उनके लिए मुश्किल था। आईटी कंपनी में काम करने वाली महिला ने ऑफिस के काम के दबाव और लंबे कार्य समय से तंग आकर नौकरी छोड़ दी और ऑटो-रिक्शा चलाने का फैसला किया।

ऑटो चलाकर पहले से ज्यादा खुश है महिला
वे अपनी सुविधानुसार ऑटो रिक्शा चलाने लगी। इस फैसले से कई लोग हैरान रह गए, लेकिन यह उनके लिए कारगर साबित हुआ है। अब वह लगभग 60,000 रुपये प्रति माह कमाती हैं और कहती हैं कि वह पहले से कहीं ज्यादा खुश हैं।
महिला की कहानी ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। कई लोग एक पारंपरिक करियर को छोड़कर एक ऐसे पेशे को चुनने के उनके साहस की प्रशंसा कर रहे हैं जो उन्हें अधिक संतुष्टि और मानसिक शांति प्रदान करता है।
रील देखने के बाद आ रहें कमेंट
रील देखने के बाद, एक उपयोगकर्ता ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि आईटी क्षेत्र में 18 साल बिताने के बाद भी, वे अभी भी अंतहीन बैठकों का सामना कर रहे हैं, जो ईमेल के माध्यम से की जा सकती थीं, घंटों तक चलने वाली छोटी-छोटी कॉल और देर रात की उत्पादन संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। यह उनके द्वारा समय के साथ विकसित किए गए धैर्य और भावनात्मक लचीलेपन के स्तर को दर्शाता है।
महिला की कमेंट में एक यूपी के युवक ने अपनी जानकारी साझा करते हुए बताया कि उसने ऑटो-रिक्शा चलाने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी। 15 सालों में उसने अपने व्यवसाय को बढ़ाकर पांच भारत ट्रक खरीद लिए और कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित कर ली फिर भी वह ऑटो चलाना जारी रखे हुए है।