मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में आंदोलनरत छात्रों की मांगों पर करीब तीन घंटे तक गहन चर्चा हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द किया जाएगा। साथ ही, टीडीपीएल के माध्यम से हुई भर्तियों को भी रद्द करने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2014 से अब तक टीडीपीएल के माध्यम से आयोजित सभी परीक्षाएं रद्द होंगी।
फैसले के बाद आंदोलनरत छात्रों में खुशी
मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद आंदोलनरत छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। छात्रों ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी मांगों को लेकर सरकार ने गंभीरता दिखाई है। छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को फैसले के लिए बधाई दी और इसे छात्रों के आंदोलन की बड़ी सफलता बताया।
परीक्षा रद्द होने के बाद भी खत्म नहीं हुआ आंदोलन
हालांकि, आंदोलन कर रहे कुछ छात्रों का कहना है कि सरकार की ओर से महत्वपूर्ण मांगें मान ली गई हैं, लेकिन उनका आंदोलन अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। छात्रों ने कहा कि परीक्षाएं और भर्तियां रद्द करने की घोषणा स्वागत योग्य है, लेकिन कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है।
CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र
छात्रों की प्रमुख मांग अब पूरे मामले की सीबीआई जांच को लेकर है। उनका कहना है कि जब तक सरकार सीबीआई जांच कराने पर स्पष्ट निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों का कहना है कि केवल परीक्षाएं रद्द करने से पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आएगी। दोषियों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है।
सफल अभ्यर्थियों का भी विरोध, पूछा- हमारा क्या दोष?
इस बीच सरकार के ऐलान के बाद आंदोलन स्थल पर छात्रों के बीच उत्साह का माहौल है, लेकिन सीबीआई जांच के मुद्दे पर आगे सरकार क्या निर्णय लेती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वहीं, परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों ने मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना है, “हम लोगों का क्या दोष है, जो हमारी परीक्षा रद्द कर दी गई?” सफल अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए सरकार से उनके भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।