डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु में नई सरकार के गठन का रास्ता लगभग साफ हो गया है। खबर है कि थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कगजम (TVK) राज्य में सरकार बनाने जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, CPI, CPI(M) और VCK विजय की पार्टी को समर्थन देने के लिए तैयार हैं।
CPI और CPI(M) TVK को बिना शर्त समर्थन
शुक्रवार को CPI(M) के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, CPI के प्रदेश सचिव वीरपांडियन ने कहा कि सरकार बनाने को लेकर TVK ने CPI, CPI(M) और VCK से संपर्क किया था। जिसके बाद हमने अपनी पार्टी की बैठक की। लोकतंत्र में उतार-चढ़ाव आना सामान्य बात है। तमिलनाडु की जनता ने TVK का समर्थन किया है और उसे चुनने का फैसला किया है। हमने लोकतांत्रिक तरीके से यह फैसला लिया है।’
Chennai, Tamil Nadu: CPI and CPI(M) extend unconditional support to TVK for the formation of government.
In a joint press conference with CPI(M), CPI State Secretary Veerapandian says, “TVK approached CPI, CPI(M) and VCK. We had our party meeting. It’s normal in a democracy to… pic.twitter.com/QmlhOpzMSb
— ANI (@ANI) May 8, 2026
कांग्रेस ने पहले ही टीवीके को समर्थन देने का एलान कर दिया है। इसी बीच, TVK के कार्यकर्ता और समर्थक चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर जश्न मना रहे हैं। अगर यह सभी पार्टियां समर्थन करतीं हैं तो TVK की सीट बहुमत को पार कर लेगी।
#WATCH | Tamil Nadu: TVK workers and supporters celebrate outside the party headquarters in Chennai, amid reports of CPI, CPI(M) and VCK extending support to the party. pic.twitter.com/y4XOm222al
— ANI (@ANI) May 8, 2026
राज्यपाल से फिर मिलेंगे विजय
टीवीके चीफ थोड़ी देर में राज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे। राज्यपाल के साथ ये उनकी तीसरी मुलाकात होगी। मुलाकात में विजय सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। इससे पहले बुधवार और गुरुवार को विजय अन्य नेताओं के साथ राज्यपाल से मिल चुके हैं, लेकिन दोनों बैठकें बेनतीजा रहीं।
बहुमत से कितने दूर?
चुनाव में TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें हासिल की हैं, जो बहुमत के आंकड़े 118 से महज 10 कम हैं। गुरुवार को कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन मिलने के बावजूद TVK अभी भी जादुई आंकड़े से दूर थी।
AIADMK के साथ ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’
उधर, पुडुचेरी के एक रिजॉर्ट में AIADMK नेताओं के साथ TVK की बातचीत चल रही थी। दोनों दलों के बीच गठबंधन या समर्थन को लेकर चर्चा थी, जिससे सियासी हलचल और बढ़ गई। थलापति विजय की पार्टी पहली बार चुनाव लड़ते हुए ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन स्पष्ट बहुमत न होने के कारण गठबंधन की राजनीति अब निर्णायक भूमिका निभाएगी।