डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले भारत और रूस के बीच 105 जेट्स पर समझौता हुआ है। जिसके तहत रूस, भारत को 105 जेट्स देगा।
दरअसल, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से ठीक पहले केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने गुरुवार को बताया कि देश की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (UDAN योजना) को मजबूत करने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और रूस के बीच 105 टर्बोप्रॉप और सुखोई सुपरजेट विमानों के स्वदेशी निर्माण को लेकर बातचीत आगे बढ़ी है।
सैन्य रक्षा समझौतों से आएगी मजबूती
इस प्रस्तावित सौदे के तहत पिनेकल एयर और एयर केरल जैसे भारतीय ऑपरेटरों को ये विमान सौंपे जाएंगे, जिससे दोनों देशों के संबंध पारंपरिक सैन्य रक्षा समझौतों से आगे बढ़कर नागरिक विमान निर्माण के क्षेत्र में और गहरे होंगे।
भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बिल्कुल अलग
नायडू ने स्पष्ट किया कि ये दोनों विमान भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (UDAN) योजना की जरूरतों के बिल्कुल अनुकूल हैं। देश भर में कई नए हवाई अड्डे तैयार हो रहे हैं, जिन्हें आपस में जोड़ना बेहद जरूरी है। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन विमानों का निर्माण जल्द से जल्द भारत में ही शुरू करना है ताकि घरेलू उड़ान नेटवर्क को मजबूती दी जा सके।
किन-किन कंपनियों के साथ डील?
प्रस्तावित डील्स में पिनेकल एयर के लिए 50 IL-114-300 विमान, एयर केरल के लिए 20 विमान और स्लीक एविएशन के साथ हुए MoU (समझौता ज्ञापन) के तहत 35 और विमानों की योजना शामिल है।
यह भी पढ़ें- BRICS Summit: ब्रिक्स देशों में इन दो मुस्लिम राष्ट्रों की करेंसी का बोलबाला, रूस-चीन और भारत कहीं नहीं टिकते!
यह भी पढ़ें- दिल्ली के ‘दिल’ कनॉट प्लेस पर नहीं होगा ब्रिक्स सम्मेलन का असर, खुला रहेगा बाजार; व्यापारियों का बड़ा फैसला