नीट पेपर लीक की बार-बार होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बेंच के जज खुद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की अपग्रेड की गई सुविधाओं का दौरा कर सिस्टम की तैयारियों को देख सकते हैं।
नीट यूजी परीक्षा कराने वाली NTA ने जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच को बताया कि परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए काम करने के तरीके में कई बदलाव किए गए हैं। इनमें प्रशासनिक व्यवस्था से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तक में किए गए बदलाव शामिल हैं।
जस्टिस नरसिम्हा ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह और जस्टिस अराधे सिस्टम की जांच करने के लिए NTA की नई अपग्रेड की गई सुविधा का दौरा करना चाहेंगे।
NTA में स्थायी सिस्टम और स्टाफ पर SC का जोर
पेपर लीक की बार-बार होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए NTA के सिस्टम को संस्थागत रूप से मजबूत करना बहुत जरूरी है। सिर्फ तुरंत या अस्थायी उपाय काफी नहीं होंगे। आपको पता होना चाहिए कि पूरे सिस्टम का स्थायी होना ही मुख्य बात है।
बेंच ने मेहता से कहा “एक स्थायी सेटअप, स्थायी स्टाफ और स्थायी विभाग होने चाहिए। डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) बहुत कम होनी चाहिए। तभी एक स्थायी ढांचा तैयार हो पाएगा।”
जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि जज दिल्ली में मिंटो रोड स्थित NTA ऑफिस जाएंगे और देखेंगे कि सिस्टम असल में काम कर रहा है या नहीं, साथ ही वहां के मैनपावर और अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लेंगे।
शुरुआत में केंद्र ने बेंच को बताया कि NEET में संरचनात्मक सुधारों का सुझाव देने के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित हाई-पावर्ड पैनल ने व्यापक विचार-विमर्श किया है और इस महीने के आखिर तक अपनी पहली अंतरिम रिपोर्ट सौंपने की संभावना है।