राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण में मंगलवार को 27 जिलों में मतदान होगा। इस चरण में गांवों की सरकार चुनने के साथ भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों के स्थानीय प्रभाव की भी परीक्षा होगी। जिला परिषद और पंचायत समिति के कुल 2496 वार्डों के लिए 9094 प्रत्याशी मैदान में हैं। एक करोड़ छह लाख से अधिक मतदाता इन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। मतदान के लिए 11,869 केंद्र बनाए गए हैं।
तीसरे चरण के चुनाव में राजनीतिक दलों की नजर उन विधानसभा क्षेत्रों पर भी रहेगी, जहां उनके विधायक हैं। चुनाव वाले 27 जिलों में 41 से अधिक विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इनमें करीब 26 सीटों पर भाजपा के विधायक हैं, जबकि 15 सीटें कांग्रेस और अन्य दलों के पास हैं। ऐसे में पंचायत चुनाव के नतीजे स्थानीय स्तर पर नेताओं की पकड़ और संगठन की सक्रियता का संकेत देंगे।
हर वार्ड में तीन से चार उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
तीसरे चरण में मुकाबला आसान नहीं रहने वाला है। जिला परिषद और पंचायत समिति के अधिकांश वार्डों में तीन से चार प्रत्याशी मैदान में हैं। कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय तो कई पर चतुष्कोणीय होने के आसार हैं। इससे मतों का बंटवारा और स्थानीय समीकरण उम्मीदवारों की जीत-हार में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
जिला परिषद के 377 वार्डों में 1305 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। यानी एक वार्ड पर औसतन करीब साढ़े तीन उम्मीदवार हैं। वहीं पंचायत समितियों के 2119 वार्डों में 7789 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। दोनों स्तरों को मिलाकर कुल 9094 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
भरतपुर में जिला परिषद के लिए सबसे ज्यादा उम्मीदवार
उम्मीदवारों की संख्या के लिहाज से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में भी कड़ा मुकाबला दिखाई दे रहा है। यहां जिला परिषद के 19 वार्डों में 91 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरी ओर, जिला परिषद वार्डों की संख्या दौसा और हनुमानगढ़ में सबसे अधिक 24-24 है।
पंचायत समिति चुनाव में दौसा के 142 वार्डों में 474 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं भरतपुर के 98 वार्डों में 696 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। उम्मीदवारों की यह संख्या स्थानीय स्तर पर मुकाबले की व्यापकता दिखाती है, हालांकि जीत का फैसला मतदान और क्षेत्रवार समीकरणों पर निर्भर करेगा।
27 जिलों में मतदान, एक करोड़ से ज्यादा मतदाता करेंगे फैसला
तीसरे चरण में कुल 27 जिला परिषदों के 377 वार्डों और 116 पंचायत समितियों के 2119 वार्डों के लिए वोट डाले जाएंगे। इस चरण में 1,06,81,567 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। मतदान के लिए 11,869 केंद्र बनाए गए हैं।