डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में E20 फ्यूल और पेट्रोल-डीजल में मिलावट को लेकर छिड़ी बहस के बीच सरकार की ओर से रिपोर्ट जारी की गई है।
मंगलवार को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि ईंधन में मिलावट का पता लगाने के लिए अतिरिक्त जांच शुरू की गई है, साथ ही ईंधन की गुणवत्ता से जुड़ी खबरों को खारिज कर दिया।
मंत्रालय ने कहा, ‘तेल मार्केटिंग कंपनियां रोजाना ईंधन की गुणवत्ता की निगरानी करती हैं और साथ ही बताया कि मौजूदा टेस्टिंग प्रोटोकॉल के अलावा और भी जांच शुरू की गई हैं।’

2000 से ज्यादा सैंपल की जांच
मंत्रालय ने कहा कि अब 87000 से ज्यादा फ्यूल आउटलेट्स पर दिन में 8 से 12 बार पानी के रिसाव की जांच की जा रही है। मंत्रालय ने बताया कि क्लोराइड और सल्फाइड की मिलावट के लिए भी 2000 से ज्यादा सैंपल की जांच की गई है।
मंत्रालय ने कहा, ‘यह साफ किया जाता है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां नियमित रूप से फ्यूल की क्वालिटी की निगरानी करती हैं। पहले से मौजूद एडवांस्ड और टेस्टिंग प्रोटोकॉल के अलावा अब भी जांच शुरू की गई हैं, जिनमें 87000 से ज्यादा आउटलेट्स पर दिन में 8 से 12 बार पानी के रिसाव की जांच शामिल है।’
2 मामलों में मिलावट पाई गई
मंत्रालय ने आगे कहा, ‘क्लोराइड/सल्फाइड के लिए भी 2000 से ज्यादा सैंपल की जांच की गई है। अब तक पूरे देश में क्लोराइड की मिलावट के सिर्फ 2 मामले सामने आए हैं और उन पंपों से बिक्री तुरंत रोक दी गई।’
इसमें यह भी कहा गया है कि अगर किसी रिटेल आउटलेट पर मिलावट पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। तेल मार्केटिंग कंपनियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे फ्यूल सप्लाई चेन में संभावित मिलावट का पता लगाने के लिए पहले से कदम उठाएं।