PTI, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ‘व्हाइट रैबिट’ सटीक समय निर्धारण प्रौद्योगिकी पर आधारित डेमोस्ट्रेशन नेटवर्क शुरू किया है। केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि एक राष्ट्र, एक समय के लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से विकसित यह नेटवर्क पूरे देश में नैनोसेकंड से भी कम समय में सटीक समय दर्शाता है।
इससे वित्त, दूरसंचार और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए विदेशी जीपीएस पर निर्भरता खत्म हो जाएगी।
व्हाइट रैबिट टेक्नोलाजी एडवांस तकनीक है। इसका मुख्य उद्देश्य हजारों जुड़े हुए उपकरणों के बीच एक नैनोसेकंड से भी कम समय का सटीक तालमेल स्थापित करना है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पिछले सप्ताह बेंगलुरु स्थित रीजनल रेफरेंस स्टैंडर्ड लैबोरेटरी (आरआरएसएल) में इस नेटवर्क की शुरुआत की थी।
यह परियोजना उपभोक्ता मामले विभाग, सीएसआइआर-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की संयुक्त पहल है।
मंत्रालय ने कहा कि यह सिस्टम प्रिसिजन टाइम प्रोटोकाल आधारित ‘व्हाइट रैबिट’ तकनीक के जरिये भारतीय मानक समय (आइएसटी) का प्रसार करती है, जो राष्ट्रीय समय निर्धारण संस्था यूटीसी (एनपीएलआइ) से जुड़ा है।
यह प्रौद्योगिकी बैंकिंग, दूरसंचार, बिजली ग्रिड, परिवहन और डिजिटल प्रशासन जैसे क्षेत्रों में अत्यधिक सटीक समय समन्वय उपलब्ध कराती है।
मंत्रालय ने बताया कि सीएसआइआर-एनपीएल के साथ मिलकर उपभोक्ता मामले विभाग, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), एनएसई और सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने बेंगलुरु प्रयोगशाला और एनएसई की चेन्नई यूनिट के बीच सुरक्षित समय प्रसारण का सत्यापन परीक्षण भी पूरा किया है।
इससे पहले 16 जुलाई को, केंद्रीय मंत्री जोशी सरकार की “एक देश, एक समय” पहल के तहत आने वाले ‘भारतीय मानक समय प्रसार परियोजना’ की प्रगति की समीक्षा के लिए इसरो के बेंगलुरु मुख्यालय गए थे।